रक्तदान को लेकर क्यों रहता है मन में डर? जानिए शरीर में कितने समय में बनता है नया खून और क्या हैं इसके फायदे जीवनशैली 2 महीने पहले 77
रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए डॉक्टरों ने बताया है कि खून देने से शरीर कमजोर नहीं होता, बल्कि इससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण तेजी से शुरू हो जाता है।

हमारे समाज में अक्सर कहा जाता है कि रक्तदान महादान है, लेकिन इसके बावजूद आज भी कई लोग खून देने से कतराते हैं। लोगों के मन में यह डर बैठा रहता है कि रक्तदान करने से उनके शरीर में कमजोरी आ जाएगी या फिर एक बार शरीर से खून निकलने के बाद वह दोबारा नहीं बनेगा। चिकित्सा विज्ञान और डॉक्टरों के अनुसार, यह पूरी तरह से एक भ्रम और गलत धारणा है। डॉक्टरों का साफ कहना है कि रक्तदान करने से शरीर को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है, बल्कि इसके विपरीत यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित होता है। रक्तदान के कुछ ही घंटों बाद शरीर में नए खून के निर्माण की प्रक्रिया सक्रिय हो जाती है।

शरीर में कितना खून होता है और कितना दान किया जाता है?

झारखंड के जमशेदपुर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनीता कामत ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि एक सामान्य और स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 5 से 6.5 लीटर तक खून मौजूद होता है। जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है, तो उसके शरीर से केवल 350 से 450 मिलीलीटर रक्त ही लिया जाता है। यह मात्रा हमारे शरीर में मौजूद कुल रक्त का एक बेहद छोटा हिस्सा होती है। डॉ. कामत ने इसे बहुत ही सरल तरीके से समझाते हुए कहा कि शरीर से इतनी मात्रा में खून निकालना ठीक वैसा ही है जैसे समुद्र में से एक लोटा पानी बाहर निकाल लिया जाए। इससे शरीर की कार्यप्रणाली पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता है और न ही किसी तरह की कमजोरी महसूस होती है।

कौन कर सकता है रक्तदान और कितने दिनों में बनता है नया खून?

डॉक्टरों के अनुसार, रक्तदान करने के लिए कुछ पात्रता मापदंड निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी है:

  • रक्तदान करने वाले व्यक्ति की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • रक्तदाता शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए।

रक्तदान करने के तुरंत बाद हमारा शरीर सक्रिय हो जाता है और तेजी से नए रक्त का निर्माण शुरू कर देता है। रक्त का जो तरल भाग होता है, वह महज 24 से 48 घंटे के भीतर वापस सामान्य स्तर पर आ जाता है। वहीं, रक्त कोशिकाएं भी समय के साथ धीरे-धीरे पुनः निर्मित हो जाती हैं। नियमित अंतराल की बात करें तो एक स्वस्थ पुरुष हर तीन महीने में सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है, जबकि महिलाएं चिकित्सकीय सलाह के अनुसार तय समय अंतराल पर रक्तदान कर सकती हैं।

मुफ्त में होती हैं कई गंभीर बीमारियों की जांचें

रक्तदान करने का एक बेहद व्यावहारिक और बड़ा फायदा यह भी है कि इस प्रक्रिया के दौरान रक्तदाता के कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण बिल्कुल मुफ्त किए जाते हैं। इन जांचों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • एचआईवी (HIV) की जांच
  • हेपेटाइटिस-बी और हेपेटाइटिस-सी की जांच
  • मलेरिया की जांच
  • हीमोग्लोबिन का स्तर और अन्य आवश्यक रक्त परीक्षण

अगर यही सारी जांचें कोई व्यक्ति किसी निजी प्रयोगशाला में जाकर करवाता है, तो इसके लिए उसे हजारों रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। रक्तदान के माध्यम से ये सभी जांचें मुफ्त हो जाती हैं और यदि किसी रिपोर्ट में कोई विसंगति या समस्या दिखाई देती है, तो संबंधित व्यक्ति को तुरंत सूचित किया जाता है ताकि वह समय रहते अपना सही इलाज शुरू कर सके।

मरीजों के लिए जीवनदान है आपका एक यूनिट रक्त

विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि रक्तदान करने से शरीर में किसी भी प्रकार की शिथिलता या कमजोरी नहीं आती है, बल्कि यह शरीर में नई और स्वस्थ रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है। आज देश के विभिन्न अस्पतालों में हजारों ऐसे मरीज भर्ती हैं, जो गंभीर रूप से बीमार हैं। थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों, बड़ी सर्जरी कराने वाले लोगों और सड़क दुर्घटनाओं के शिकार मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। इन लाचार मरीजों के लिए रक्तदाता किसी फरिश्ते या भगवान से कम नहीं होते। उनका जीवन पूरी तरह से किसी अनजान व्यक्ति द्वारा किए गए स्वैच्छिक रक्तदान पर निर्भर करता है।

मानवता की सबसे बड़ी सेवा है रक्तदान

जीवन में कभी भी, किसी को भी और किस रक्त समूह की जरूरत पड़ जाए, यह कोई पहले से नहीं बता सकता। आज यदि आप किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए आगे आते हैं, तो कल को आवश्यकता पड़ने पर कोई दूसरा संवेदनशील व्यक्ति आपकी या आपके प्रियजनों की मदद के लिए हाथ बढ़ाएगा। इसलिए, यदि आपकी उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच है और आप शारीरिक रूप से सक्षम हैं, तो रक्तदान करने से बिल्कुल न डरें। आपका कुछ मिनटों का समय और मात्र एक यूनिट रक्त किसी के उजड़ते हुए परिवार को नई उम्मीद दे सकता है, किसी मां के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है और किसी मरते हुए मरीज को जीवनदान दे सकता है। सच में, रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी और सच्ची सेवा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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