उपनाम: एक्सप्रेसवे
पूर्वोत्तर में सड़क नेटवर्क की बड़ी सौगात: 630 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे बनाएगी सरकार, ₹61500 करोड़ का होगा निवेश
केंद्र सरकार पूर्वोत्तर भारत में कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने जा रही है, जिसके तहत 630 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर के निर्माण पर ₹61,500 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार, नवरात्रि में शुरू होगा 4 बड़े लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण
उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार चार नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने जा रही है, जिनका शिलान्यास अगले महीने नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित है।
एक्सप्रेसवे निर्माण की आधुनिक तकनीक और उनकी मजबूती का रहस्य
देशभर में तेजी से बन रहे एक्सप्रेसवे न केवल सफर को आसान बना रहे हैं, बल्कि इनके निर्माण में विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है। जानिए इन सड़कों को बनाने वाली विशेष तकनीकों और इनकी उम्र से जुड़ी अहम बातें।
बिहार को बड़ी सौगात: 336 किलोमीटर लंबे 6 लेन एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, दिल्ली से भागलपुर का सफर होगा और भी आसान
बिहार कैबिनेट ने बक्सर से भागलपुर तक के महत्वाकांक्षी 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दे दी है। यह सड़क उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली एनसीआर से बिहार की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।
यूपी में नया एक्सप्रेसवे: अब गोरखपुर से पानीपत का सफर महज 8 घंटे में, 22 जिलों को मिलेगी कनेक्टिविटी
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार करते हुए एक और विशाल एक्सप्रेसवे की योजना तैयार की गई है, जो गोरखपुर को हरियाणा के पानीपत से जोड़ेगा। 750 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के निर्माण से यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर 8 घंटे रह जाएगा।
रोजाना 11 KM से सीधे 34 KM तक का सफर: 12 साल में भारत ने जोड़े 55,000 KM से ज्यादा हाईवे, ऐसे बदली देश की सड़कें
सरकार की नई फैक्टशीट के अनुसार पिछले 12 सालों में देश के नेशनल हाईवे नेटवर्क में 61% का इजाफा हुआ है और रोजाना सड़क निर्माण की रफ्तार 11.6 किलोमीटर से बढ़कर करीब 34 किलोमीटर पहुंच गई है।
UPEIDA की कमान अब सीधे सीएम योगी के हाथ में, तेज होगी एक्सप्रेसवे-हाईवे परियोजनाओं की रफ्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPEIDA का कार्यभार अपने पास ले लिया है, जिससे प्रदेश में एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कॉरिडोर परियोजनाओं की गति और तेज होने की उम्मीद है। इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार के फोकस के रूप में देखा जा रहा है।