यूपी में नया एक्सप्रेसवे: अब गोरखपुर से पानीपत का सफर महज 8 घंटे में, 22 जिलों को मिलेगी कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश 3 महीने पहले 133
उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का विस्तार करते हुए एक और विशाल एक्सप्रेसवे की योजना तैयार की गई है, जो गोरखपुर को हरियाणा के पानीपत से जोड़ेगा। 750 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट के निर्माण से यात्रा का समय 12-14 घंटे से घटकर 8 घंटे रह जाएगा।

गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे: कनेक्टिविटी की नई राह

उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे वाला राज्य होने का गौरव पहले ही हासिल कर चुका है, और अब इस कड़ी में एक और बड़ा नाम जुड़ने जा रहा है। गोरखपुर से पानीपत तक बनने वाला यह नया एक्सप्रेसवे न केवल गंगा एक्सप्रेसवे से भी अधिक लंबा होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच की दूरी को भी काफी कम कर देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लंबाई लगभग 750 किलोमीटर प्रस्तावित की गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस दिशा में काम तेज कर दिया है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को भी अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है।

सफर होगा आसान और तेज

वर्तमान में गोरखपुर से दिल्ली या हरियाणा के किसी इलाके तक पहुंचने में यात्रियों को लगभग 12 से 14 घंटे का समय लग जाता है। इस नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यह समय सिमटकर केवल 7 से 8 घंटे रह जाएगा। इस मार्ग के तैयार होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिले दिल्ली-NCR के और भी करीब आ जाएंगे, जिससे न केवल आम लोगों के लिए यात्रा सुगम होगी बल्कि माल ढुलाई में भी बड़ी गति आएगी और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी।

22 जिलों से होकर गुजरेगा मार्ग

यह विशाल एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कुल 22 जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे राज्य के बड़े हिस्से को सीधा लाभ पहुंचेगा। इस एक्सप्रेसवे का रूट सिद्धार्थनगर के बांसी से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। इसके बाद यह मार्ग संतकबीरनगर के मेहदावल, गोरखपुर सदर, कैपियरगंज और कुशीनगर के हाटा क्षेत्र से होकर गुजरेगा। इसके आगे यह बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या, लखनऊ और शाहजहांपुर तक विस्तारित होगा। अंत में, यह बदायूं, मुरादाबाद और मेरठ होते हुए शामली तक जाएगा और वहां से इसे पानीपत से जोड़ा जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, इस पूरे निर्माण कार्य में उत्तर प्रदेश के कुल 133 गांवों की जमीन प्रभावित होगी।

परियोजना की लागत और विशेषताएं

NHAI के इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 35,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। तकनीकी रूप से यह एक 6-लेन का एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए 8-लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है। यह मार्ग न केवल यूपी और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगा बल्कि पर्यटन और व्यापार के दृष्टिकोण से भी एक गेम चेंजर साबित होगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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