उत्तर प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार, नवरात्रि में शुरू होगा 4 बड़े लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 4
उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार चार नए लिंक एक्सप्रेसवे बनाने जा रही है, जिनका शिलान्यास अगले महीने नवरात्रि के दौरान प्रस्तावित है।

यूपी में सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार

उत्तर प्रदेश में सड़कों और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने की कवायद तेज हो गई है। प्रदेश सरकार राज्य के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी में है। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से लेकर टेंडर तक की तमाम प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब सभी की निगाहें इन परियोजनाओं के शिलान्यास पर टिकी हैं, जिसे लेकर यूपीडा ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

नवरात्रि में होगा भूमि पूजन

यूपीडा द्वारा इन चारों एक्सप्रेसवे का भूमि पूजन इसी महीने करने की योजना थी, लेकिन खराब मौसम और कुछ तकनीकी कारणों से यह संभव नहीं हो सका। अब आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास अगले महीने नवरात्रि के शुभ अवसर पर किए जाने की प्रबल संभावना है। यूपीडा ने मुख्यमंत्री के समक्ष इन तैयारियों का पूरा ब्योरा और प्रजेंटेशन भी प्रस्तुत कर दिया है, जिसके बाद अब काम शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

कौन से हैं ये चार एक्सप्रेसवे

सरकार जिन चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर काम करने जा रही है, उनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ना और यातायात को सुगम बनाना है।

परियोजनाओं का विवरण

फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे: यह कॉरिडोर करीब 90 किलोमीटर लंबा होगा। यह गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से फर्रुखाबाद होते हुए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा। इस परियोजना के दायरे में शाहजहांपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, कन्नौज और इटावा शामिल हैं। इसके निर्माण कार्य में कुल 1339.04 हेक्टेयर भूमि का उपयोग किया जाएगा।

पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: यह महत्वपूर्ण मार्ग आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने का काम करेगा। लगभग 50 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के लिए 643.60 हेक्टेयर भूमि निर्धारित की गई है, जिससे दो बड़े एक्सप्रेसवे के बीच बेहतर तालमेल बनेगा।

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे: बुंदेलखंड क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए यह परियोजना अहम है। इसके लिए जालौन और झांसी जिलों में 1539.19 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई थी, जिसमें से 24 अगस्त तक 1313.08 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। इसकी टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है और इसे 1 से 15 अक्टूबर के बीच शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

जेवर लिंक एक्सप्रेसवे: जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और आसपास के क्षेत्रों को सुगम मार्ग प्रदान करने के लिए यूपीडा ने इस परियोजना की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लगभग पूरा कर लिया है।

30 सितंबर तक पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया

यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार, इन चारों लिंक एक्सप्रेसवे की टेंडर संबंधी सभी औपचारिकताएं 30 सितंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में शिलान्यास के साथ ही निर्माण कार्य की गति को तेज किया जाए। इन एक्सप्रेसवे के बन जाने से न केवल सफर का समय बचेगा, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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