उपनाम: भारतीय सेना
आतंकियों के लिए काल माने जाने वाले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ आज बनेंगे नए सेना प्रमुख
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ आज भारतीय सेना के 31वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे, जो जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा और उनके पास चार दशकों का लंबा सैन्य अनुभव है।
रक्षा अलंकरण समारोह 2026: ऑपरेशन सिंदूर के नायकों लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती को सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा अलंकरण समारोह में देश की रक्षा और रणनीतिक अभियानों में असाधारण वीरता दिखाने वाले सैन्य अधिकारियों को सम्मानित किया, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर के प्रमुख रणनीतिकार शामिल रहे।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी कब्जे की खबरों को भारतीय सेना ने किया खारिज, बताया पूरी तरह बेबुनियाद
भारतीय सेना ने उन दावों का खंडन किया है जिनमें अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना द्वारा कब्जा करने और कैंप लगाने की बात कही गई थी। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा की स्थिति को स्थिर बताया और कहा कि मुद्दों को बातचीत से सुलझाया जा रहा है।
मुरादाबाद में देश का पहला डिजिटल वॉर मेमोरियल तैयार, 1947 से लेकर सर्जिकल स्ट्राइक तक की वीर गाथा दिखेगी
मुरादाबाद नगर निगम ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के पहले डिजिटल वॉर मेमोरियल का निर्माण पूरा कर लिया है, जहाँ आधुनिक तकनीक के माध्यम से भारतीय सेना के साहस और बलिदान की गौरवगाथा को प्रदर्शित किया जाएगा।
मुरादाबाद में बनकर तैयार हुआ त्रिशूल भारतीय रक्षा म्यूजियम, सेना के पराक्रम की गाथा सुनाएगा यह आधुनिक केंद्र
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में देश का अनोखा 'त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय' बनकर तैयार हो गया है, जहाँ 1947 से लेकर कारगिल युद्ध तक के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक तकनीक के जरिए दिखाया जाएगा। इस संग्रहालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों जल्द ह...
वर्ल्ड रोइंग कप में भारतीय सेना के जवानों का जलवा, पहली बार जीता स्वर्ण पदक
स्विट्जरलैंड में आयोजित वर्ल्ड रोइंग कप III में भारतीय सेना के दो जवानों लक्ष्य और उज्जवल कुमार सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
हिमालय की दुर्गम चोटियों पर अब ड्रोन से पहुंचेगा राशन, भारतीय सेना की रसद प्रणाली में बड़ा बदलाव
भारतीय सेना लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक के दुर्गम इलाकों में सैनिकों तक रसद पहुंचाने के लिए स्वदेशी लॉजिस्टिक्स ड्रोन का उपयोग करने जा रही है, जो कठिन मौसम में भी 18,000 फीट की ऊंचाई तक सामान ले जाने में सक्षम हैं।
सीतामढ़ी के लाल शशि रंजन सुमन बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, जानें सफलता की पूरी कहानी
सीतामढ़ी के रहने वाले शशि रंजन सुमन ने महज 22 साल 8 महीने की उम्र में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने छात्रों को TES और JEE के माध्यम से सेना में अधिकारी बनने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं।
गर्व से भरे शशि थरूर: बहनोई लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर को मिली बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने बहनोई लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर के भारतीय सेना की सदर्न कमांड के प्रमुख बनने पर खुशी व्यक्त की है। थरूर ने इसे अपने पूरे परिवार के लिए गौरव का क्षण बताया है।
किश्तवाड़: ट्रैफिक चालान से शुरू हुआ विवाद, पुलिस थाने में घुसे 40 सैन्य जवान, मामला दर्ज
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर वाहन जब्त किए जाने के बाद पुलिस और सेना के बीच बड़ा टकराव सामने आया है। एक कमांडिंग ऑफिसर समेत कई जवानों पर थाने में घुसकर मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
पाकिस्तान के झूठे दावों की खुली पोल, भारत के सभी 36 राफेल विमान पूरी तरह सुरक्षित
भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों का पर्दाफाश हुआ है। एक आधिकारिक दस्तावेज़ से स्पष्ट है कि भारत के सभी 36 राफेल विमान सुरक्षित हैं और पूरी तरह से काम कर रहे हैं।
अग्निवीर सूरज कुमावत का गांव में भव्य स्वागत, ढोल-नगाड़ों की थाप पर गूंजा रामपुरिया
भारतीय सेना में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद पहली बार अपने गांव लौटे अग्निवीर सूरज कुमावत का ग्रामीणों ने शानदार तरीके से स्वागत किया। फूल-मालाओं और जयकारों के बीच गांव का माहौल देशभक्ति से सराबोर हो गया।
फरीदाबाद: सीमा पर तैनात फौजी का आशियाना जमींदोज, 37 लाख रुपये की मेहनत पल में हुई राख
हरियाणा के फरीदाबाद में एक अवैध कॉलोनी के खिलाफ चलाए गए बुलडोजर अभियान में लद्दाख में तैनात एक फौजी का निर्माणाधीन मकान ढहा दिया गया, जिससे परिवार सदमे में है।
शशि थरूर की संसदीय समिति का कश्मीर दौरा: सीमाओं पर सेना ने तैयार किया नया सुरक्षा खाका, ड्रैगन और पाकिस्तान की बढ़ेगी चिंता
विदेश मामलों की संसदीय समिति ने श्रीनगर में सेना के अधिकारियों के साथ सीमा सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की है।
रॉकी नॉब की अनसुनी दास्तान: तोलोलिंग की जीत के बाद कैसे बदली कारगिल युद्ध की तस्वीर
कारगिल युद्ध के दौरान तोलोलिंग फतह के बाद पॉइंट 5140 की राह बेहद चुनौतीपूर्ण थी, जिसे पार करने के लिए रॉकी नॉब पर कब्जा करना अनिवार्य हो गया था। बोफोर्स तोपों की सीधी मार और भारतीय जवानों के अदम्य साहस ने इस असंभव मिशन को सफल बनाया।