ऑपरेशन सिंदूर की डॉक्यूमेंट्री ने खोली पाकिस्तान की पोल, 88 घंटे की तबाही देख बौखलाई मुनीर की सेना विश्व 3 घंटे पहले 3
ब्रह्मोस मिसाइलों के प्रहार और भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर की हकीकत को बयां करती नई डॉक्यूमेंट्री ने पाकिस्तान के झूठ के पुलिंदे को उजागर कर दिया है। अपनी हार छिपाने के लिए दुनिया भर में नैरेटिव सेट करने वाला पाकिस्तान अब इस सच के सामने पूरी तरह घबरा गया है।

पाकिस्तान के झूठ की खुली कलई

पाकिस्तान ने दुनिया भर के मंचों पर ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जो अपना मनगढ़ंत नैरेटिव तैयार किया था, उसे एक नई डॉक्यूमेंट्री ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। जैसे ही स्क्रीन पर ऑपरेशन का सच और उसकी विनाशकारी तस्वीरें सामने आईं, पाकिस्तान की मुनीर सेना एक बार फिर अपनी झुंझलाहट छिपा नहीं पाई और बेतुके आरोपों का सहारा लेने लगी। 88 घंटे तक चली इस तबाही की गवाही न केवल सैटेलाइट तस्वीरों में दिख रही है, बल्कि इस ऑपरेशन की पूरी स्क्रिप्ट को भी डॉक्यूमेंट्री में तार्किक तरीके से पेश किया गया है। पाकिस्तान अभी भी अपने नुकसान को छिपाने के लिए तमाम तरह के जतन कर रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर और हकीकत का सामना

अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए कायराना कृत्य का जवाब भारत ने पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को मलबे में तब्दील करके दिया था। पाकिस्तान अपनी बेशर्मी के कारण अपनी हार को भी जीत का ढोंग बताता रहा। लेकिन, जब भारत ने सबूतों के साथ सच को दुनिया के सामने रखा, तो पाकिस्तानी सेना के होश उड़ गए। ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री ने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को भी सामने ला दिया है। ठीक वैसा ही हुआ जैसा कयास लगाया जा रहा था। पाकिस्तान ने अपनी बर्बादी की तस्वीरों को सिरे से खारिज करते हुए इसे गलत तथ्यों का पुलिंदा करार दिया है। डिस्कवरी चैनल पर प्रसारित दो भागों वाली डॉक्यूमेंट्री डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर जैसे ही रिलीज हुई, पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) पूरी तरह से तिलमिला गई है। भारतीय खुफिया सूत्रों का मानना है कि इस डॉक्यूमेंट्री ने पाकिस्तान द्वारा गढ़े गए उन तमाम दावों की पोल खोल दी है, जिन्हें वह संघर्ष के बाद से जोर-शोर से प्रचारित कर रहा था।

सबूतों के सामने पाकिस्तान का नैरेटिव फेल

डॉक्यूमेंट्री में सैटेलाइट इमेज और युद्ध के दौरान के सटीक रिकॉर्ड के जरिए वह सच दिखाया गया है, जो पाकिस्तान के दावों से बिल्कुल उलट है। पाकिस्तान के पास अपनी बात को सही साबित करने के लिए कोई भी आधिकारिक दस्तावेज मौजूद नहीं है। इसीलिए वह बौखलाहट में डॉक्यूमेंट्री की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। आपको याद होगा कि 7 मई 2025 से शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के स्वदेशी हथियारों ने पाकिस्तानी आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था। 88 घंटे के इस भीषण ऑपरेशन ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, जिसके बाद उसे युद्धविराम के लिए अमेरिका के पास गिड़गिड़ाने पर मजबूर होना पड़ा था। हालांकि, उस समय पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर राफेल गिराने का झूठा नैरेटिव खूब फैलाया था। वह अपनी बर्बादी की तस्वीरों को नकारने की कोशिश में लगा रहा। हालांकि, उस वक्त पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के मुख से खुद यह निकल गया था कि भारत की सैन्य कार्रवाई ने उन्हें कितना ज्यादा डरा दिया था।

झूठी गौरव गाथा की नाकाम कोशिश

जुलाई 2025 में पाकिस्तान ने खुद ISPR के माध्यम से एक डॉक्यूमेंट्री जारी की थी, जिसमें उसने अपनी तथाकथित गौरव गाथा सुनाई थी। उस डॉक्यूमेंट्री में उसने भारतीय विमानों को नुकसान पहुंचाने और पाकिस्तानी नागरिकों के ठिकानों पर हमला होने का दावा किया था। लेकिन, सच्चाई यह है कि उस प्रोपेगेंडा वीडियो में भारतीय सैन्य ठिकानों पर किसी भी हमले का कोई पुख्ता सबूत शामिल नहीं था। अब जब भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर के ठोस सबूत और 9 ठिकानों की तबाही की हकीकत सामने आई है, तो पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ गई है। उसे डर है कि बरसों से मेहनत करके बनाया गया उसका नैरेटिव अब हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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