शिवहर में नारी शक्ति का दबदबा: सांसद से लेकर प्रशासनिक शीर्ष पदों तक महिलाओं का राज बिहार एक महीने पहले 72
बिहार का शिवहर जिला महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा है, जहाँ राजनीति से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में है। जिले के कुल प्रशासनिक पदों में से 75 प्रतिशत पर महिला अधिकारी तैनात हैं, जो विकास कार्यों को नई गति दे रही हैं।

महिला नेतृत्व का नया मॉडल बना शिवहर

बिहार के शिवहर जिले से महिला सशक्तिकरण की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। आज यह छोटा सा जिला पूरे देश के लिए इस बात का शानदार उदाहरण बन गया है कि जब महिलाओं को नेतृत्व करने का अवसर मिलता है, तो वे किस तरह से समाज और शासन की दशा और दिशा बदल सकती हैं। शिवहर में स्थिति यह है कि नीति बनाने वाले राजनीतिक मंचों से लेकर जमीनी स्तर पर उन नीतियों को लागू करने वाले प्रशासनिक गलियारों तक, हर प्रमुख जगह पर महिलाओं का ही वर्चस्व है। यह जिला अब महिला नेतृत्व का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरा है।

राजनीति के गलियारों में महिला चौकड़ी

अगर राजनीतिक मोर्चे की बात की जाए, तो शिवहर की कमान पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में है। जिले का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख हस्तियों में महिलाएं सबसे आगे हैं। लवली आनंद यहां की सांसद के रूप में संसद के भीतर जिले की समस्याओं और विकास की आवाज को मजबूती से उठा रही हैं। वहीं, श्वेता गुप्ता स्थानीय विधायक की भूमिका निभाने के साथ-साथ बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री के रूप में अहम जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। इसके अलावा, विधान परिषद में एमएलसी रेखा कुमारी इस सशक्त राजनीतिक चौकड़ी को पूरा करती हैं। ये तीनों महिला जनप्रतिनिधि मिलकर जिले की राजनीति को एक नई दिशा देने का काम कर रही हैं।

प्रशासनिक ढांचा महिलाओं के भरोसे

शिवहर की प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह से महिला अधिकारियों के नेतृत्व में चल रही है। जिले की जिलाधिकारी (डीएम) के तौर पर प्रतिभा रानी पूरी प्रशासनिक मशीनरी का कुशल संचालन कर रही हैं। उनके साथ युवा और ऊर्जावान महिला अधिकारियों की एक बड़ी फौज है, जो विकास कार्यों को गति दे रही है। इनमें उप समाहर्ता मेधावी और जिला पंचायती राज पदाधिकारी दीक्षा भगत जैसे नाम शामिल हैं, जो प्रशासनिक कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जिले के लगभग 75 प्रतिशत प्रशासनिक पदों पर आज महिलाएं ही तैनात हैं, जो शिवहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

जनकल्याण और संवेदनशील विभागों का प्रबंधन

सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़े संवेदनशील विभागों में भी महिलाओं की पकड़ बहुत मजबूत है। जिला कल्याण पदाधिकारी रंजना कुमारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सुनीता सोनू और सर्व शिक्षा अभियान की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्वेता अपनी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ये अधिकारी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक सरकारी लाभ पहुँचाने के साथ-साथ शिक्षा के प्रसार में भी सक्रिय हैं।

तकनीक और आपदा प्रबंधन में भी आगे

आपदा प्रबंधन से लेकर कृषि और तकनीकी क्षेत्रों तक, महिलाओं ने अपनी कार्यकुशलता साबित की है। शुभांगी सिंह दिव्यांगजन सशक्तिकरण का मोर्चा संभाले हुए हैं, जबकि श्वेता सुमन आपदा प्रबंधन जैसे गंभीर विभाग की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने की जिम्मेदारी जिला कृषि पदाधिकारी प्रीति कुमारी और प्रधान कृषि वैज्ञानिक अनुराधा रंजन के पास है। ये दोनों मिलकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ रही हैं।

कार्यकुशलता का अनूठा उदाहरण

शिवहर की प्रशासनिक व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि यहां के ज्यादातर अधिकारियों पर काम का बोझ काफी अधिक है, क्योंकि उनमें से कई के पास दो से लेकर चार-चार विभागों का अतिरिक्त प्रभार है। इसके बावजूद, वे अपने दायित्वों को बहुत ही तत्परता से पूरा कर रही हैं। जिले का यह स्वरूप यह साबित करता है कि शिवहर की महिलाएं न केवल नेतृत्व करने में सक्षम हैं, बल्कि वे एक साथ कई जिम्मेदारियों को संभालते हुए विकास की गति को भी बनाए रखने का हुनर जानती हैं। यह जिला वाकई देश के लिए एक प्रेरणा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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