उपनाम: ऐतिहासिक धरोहर
400 साल पुरानी तोप की चोरी में हिण्डौन कनेक्शन का खुलासा, दो हिरासत में
मध्य प्रदेश के नरवर किले से चोरी हुई 3.5 टन वजनी प्राचीन तोप मामले में पुलिस ने राजस्थान के करौली से दो संदिग्धों को पकड़ा है। इस चोरी को अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुंगेर का अनसुलझा इतिहास: जानिए नवाब मीर कासिम की 250 साल पुरानी रहस्यमयी गुफा के बारे में
बिहार के मुंगेर में स्थित नवाब मीर कासिम की ऐतिहासिक गुफा अपने पीछे लगभग 250 साल पुराने राज छिपाए हुए है, जिसे आज भी लोग कौतूहल की दृष्टि से देखते हैं।
अनोखा शौक: बीकानेर के भारत भूषण गुप्ता ने सहेजे 146 साल पुराने दुर्लभ पोस्टकार्ड, महारानी विक्टोरिया के दौर की भी हैं यादें
मोबाइल और इंटरनेट के इस डिजिटल युग में बीकानेर के भारत भूषण गुप्ता ने साल 1879 से लेकर अब तक के सैकड़ों दुर्लभ पोस्टकार्डों का एक अनोखा संग्रह सहेज कर रखा है।
मानसून में बादलों की जन्नत बन जाता है कुंभलगढ़ किला, सोशल मीडिया पर वायरल हुई मेवाड़ की शान
राजस्थान के कुंभलगढ़ किले का मानसून के दौरान का दृश्य सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब साझा की जा रही हैं।
महाराष्ट्र का 'आयरन फोर्ट': जानिए अभेद्य लोहागढ़ किले का इतिहास और इसकी अनोखी खासियतों के बारे में
महाराष्ट्र का ऐतिहासिक लोहागढ़ किला अपनी बेहद मजबूत बनावट और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। मानसून के मौसम में इस प्राचीन किले की खूबसूरती और भी निखर जाती है, जिससे यह पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन जाता है।
बरगी बांध के घटते जलस्तर ने खोला इतिहास का पन्ना, 40 साल बाद पानी से बाहर आया कलचुरी कालीन 'जलमग्न कुंड'
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी बांध का जलस्तर अत्यधिक गिरने के कारण लगभग चार दशक पुराना रहस्य सामने आया है। पानी सूखने से सदियों पुराना कलचुरी कालीन ऐतिहासिक कुंड पहली बार सतह पर दिखाई दिया है, जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
भरतपुर का ऐतिहासिक गंगा मंदिर: राजस्थानी वास्तुकला और अटूट आस्था का अद्भुत केंद्र
राजस्थान के भरतपुर शहर के बीचों-बीच स्थित भव्य गंगा मंदिर अपनी अनूठी शिल्पकला और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है, जिसके जीर्णोद्धार से धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जालोर की रहस्यमयी सांड बावड़ी: वह प्राचीन धरोहर जहां जल से बदली जाती थी लोगों की किस्मत
राजस्थान के जालोर जिले में स्थित सांड बावड़ी न केवल अपनी स्थापत्य कला के लिए जानी जाती है, बल्कि यहां का जल प्राचीन काल में भाग्य बदलने वाला माना जाता था। स्थानीय मान्यताएं इसे साहस, सत्य और सफलता से जोड़कर देखती हैं।
सुल्तानपुर का अनमोल धरोहर: हरीपुर बनवा गांव में 11वीं शताब्दी की प्राचीन शिव मूर्ति और श्रद्धालुओं की गहरी आस्था
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में स्थित हरीपुर बनवा गांव एक प्राचीन शिव मंदिर का केंद्र है, जहाँ 11वीं शताब्दी की नक्काशी वाली मूर्ति की लोग श्रद्धा के साथ पूजा करते हैं।
नागौर की ऐतिहासिक जल धरोहरों का होगा कायाकल्प, 10.23 करोड़ की लागत से संवरेंगे तालाब
नागौर के तीन प्रमुख ऐतिहासिक तालाबों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए सरकार ने 10.23 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना से शहर की जल धरोहरों को नई पहचान मिलेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
गोलकोंडा किले की 400 साल पुरानी शाही बावड़ी, जिसकी इंजीनियरिंग देख रह जाएंगे हैरान
हैदराबाद के गोलकोंडा किले में मौजूद शाही बावड़ी कुतुबशाही दौर की उन्नत जल प्रबंधन व्यवस्था की मिसाल है, जो आज भी अपनी बनावट और इतिहास से पर्यटकों को लुभाती है।
हाजीपुर का 12वीं सदी का नेपाली मंदिर: 'बिहार का खजुराहो' अब उपेक्षा और बदहाली की चपेट में
हाजीपुर के कोनहारा घाट पर स्थित नेपाली छावनी मंदिर अपनी लकड़ी की बारीक नक्काशी और अनूठी वास्तुकला के लिए 'बिहार का खजुराहो' कहलाता है, लेकिन देखरेख के अभाव में यह ऐतिहासिक धरोहर लगातार जर्जर होती जा रही है।
सुल्तानपुर का 160 साल पुराना नीम का पेड़, छाल पर उभरी अनोखी आकृति बनी आस्था का केंद्र
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के लोहरा मऊ गांव में करीब 160 साल पुराना एक नीम का पेड़ श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है, जिसकी छाल पर बनी अद्भुत आकृति और गर्मियों में दोपहर के समय दिखने वाली चींटियों की कतारें लोगों के आकर्षण का कारण हैं।
झांसी के 10 ऐतिहासिक दरवाजे: सदियों तक दुश्मनों को रोकने वाली मजबूत ढाल, जानिए इनकी खासियत
झांसी की प्राचीन सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा रहे ये दस ऐतिहासिक दरवाजे बुंदेलखंड की विरासत और रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य के मूक गवाह हैं, जो आज भी शहर की पहचान बने हुए हैं।
मुजफ्फरपुर का 150 साल पुराना वटवृक्ष: भीषण गर्मी में लोगों के लिए बना राहत का सहारा
मुजफ्फरपुर के कंबाइंड बिल्डिंग परिसर में मौजूद करीब 150 साल पुराना विशाल वटवृक्ष इन दिनों भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों के लिए प्राकृतिक राहत का बड़ा केंद्र बन गया है। यह पेड़ शहर की ऐतिहासिक धरोहर के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का जीवंत संदेश भी है।