उपनाम: आस्था
कोटा का प्रसिद्ध खड़े गणेश जी मंदिर: 600 साल पुरानी प्रतिमा और भक्तों की अटूट आस्था
राजस्थान के कोटा में स्थित खड़े गणेश जी का मंदिर अपनी अनूठी प्रतिमा और प्राचीन इतिहास के लिए जाना जाता है, जहां हर बुधवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ते हैं.
जमशेदपुर: चिट्ठियों में लिखी मुरादें पूरी करते हैं बाबा मस्कीन अली शाह, कालू बागान के मजार पर उमड़ती है भीड़
जमशेदपुर के कालू बागान स्थित हजरत बाबा सैयद मस्कीन अली शाह के मजार पर लोग अपनी मनोकामनाएं चिट्ठियों में लिखकर लाते हैं। यह स्थान सर्वधर्म सद्भाव और अटूट विश्वास का एक अनूठा केंद्र बन चुका है।
कोटा के 5 रहस्यमयी और अनोखे मंदिर: कहीं रजिस्टर में दर्ज होती है अर्जी तो कहीं कुदरत का अद्भुत नजारा
राजस्थान का कोटा शहर केवल कोचिंग संस्थानों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सदियों पुरानी धार्मिक विरासत और चमत्कारी मंदिरों के लिए भी मशहूर है।
सांवलिया सेठ के दरबार में किसान का अनोखा दान, टमाटर की बंपर कमाई के बाद चढ़ाया 250 ग्राम चांदी का टमाटर
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में एक किसान ने अपनी मन्नत पूरी होने पर 250 ग्राम चांदी का टमाटर अर्पित किया है। किसान ने टमाटर की खेती से 30 लाख रुपये की बंपर कमाई की थी, जिसे उसने भगवान का आशीर्वाद माना।
सांवलिया सेठ के दरबार में श्रावण मास में उमड़ा आस्था का सैलाब, दानपेटी से निकले 35.66 करोड़ रुपये
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में श्रावण मास के दौरान भक्तों ने दिल खोलकर दान किया है, जिससे मंदिर को कुल 35.66 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई।
छतरपुर का अनोखा सर्प मंदिर: नागपंचमी पर उमड़ती है आस्था की भीड़, सर्पदंश के मरीजों के ठीक होने का दावा
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बिदेही बाबा मंदिर अपनी चमत्कारी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है, जहां सर्पदंश के शिकार लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। नागपंचमी के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्त अपनी मन्नतें लेकर आते हैं।
श्रीशैलम का अद्भुत चमत्कार: मल्लम्मा कन्नेरु में बिना सहारे खड़ा होता है मूसल, पूरी होती हैं मन्नतें
श्रीशैलम के नल्लामाला जंगलों में स्थित मल्लम्मा कन्नेरु में एक अनोखी परंपरा है, जहां भक्त ओखली में मूसल को बिना किसी सहारे के सीधा खड़ा करके अपनी मनोकामना मांगते हैं। इसे 14वीं शताब्दी की शिव भक्त हेमारेड्डी मल्लम्मा से जुड़ा चमत्कार माना जाता है।
शिवहर के बाबा भुवनेश्वर नाथ मंदिर में चमत्कार, 300 साल पुराने नीम-पीपल के पेड़ में दिखती है शिव-शक्ति की झलक
शिवहर जिले का बाबा भुवनेश्वर नाथ मंदिर अपने अद्भुत नीम-पीपल के संगम के लिए प्रसिद्ध है, जहां भक्त इन पेड़ों को शिव और शक्ति का स्वरूप मानकर पूजा करते हैं। यह स्थान आस्था और प्रकृति के दुर्लभ मिलन का केंद्र बना हुआ है।
रांची के 3 प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर, जहाँ आस्था की डोर खींच लाती है श्रद्धालुओं को
झारखंड की राजधानी रांची में खाटू श्याम जी महाराज के तीन अत्यंत भव्य मंदिर स्थित हैं, जहाँ भक्तों की अपार श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ता है। यहाँ की अलौकिक सुंदरता और भंडारे का स्वाद भक्तों को बार-बार अपनी ओर आकर्षित करता है।
देवघर: 54 फीट की विशाल कांवर देख थम गए कदम, 500 भक्तों का जत्था लेकर पहुंचे श्रद्धालु
सावन के महीने में देवघर में एक 54 फीट लंबी कांवर चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे 500 भक्तों का समूह लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिव्य कांवर को कंधा देने मात्र से ही उनकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
मुंगेर कांवड़ यात्रा: हाथों के बल चल रहे दिव्यांग मनोज और कंधे पर गणेश जी को बिठाकर ले जाते भक्त, आस्था के अनोखे दृश्य
सावन के पावन महीने में मुंगेर के कच्ची कांवरिया पथ पर दो बेहद खास तस्वीरें सामने आई हैं, जहां एक दिव्यांग श्रद्धालु हाथों के बल बाबाधाम जा रहे हैं, तो वहीं शिवभक्तों का एक समूह गणेश जी की प्रतिमा को कंधों पर उठाकर महादेव के दरबार पहुंच रहा है।
श्रवण कुमार बने खुशीराम: बुजुर्ग माता-पिता को पालकी में बिठाकर 15 किमी पैदल चले, शिव धाम कराई यात्रा
उत्तर प्रदेश के ललितपुर में एक बेटे ने अनोखी मिसाल पेश करते हुए अपने माता-पिता को कंधों पर पालकी उठाकर झूमरनाथ धाम के दर्शन कराए। सावन के पवित्र महीने में उनकी यह सेवा भावना सोशल मीडिया पर खूब सराही जा रही है।
कलावा बांधने के सही नियम: जानें महिलाओं और पुरुषों के लिए क्या हैं मान्यताएं
सनातन परंपरा में कलाई पर बांधा जाने वाला कलावा सिर्फ एक धागा नहीं बल्कि सुरक्षा कवच माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार इसे बांधने के लिए स्त्री और पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग नियम निर्धारित किए गए हैं।
चित्तौड़गढ़ के सांवलिया सेठ मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड, चार महीने में मिले 153 करोड़ रुपये से ज्यादा
मेवाड़ के प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है, जहां महज चार महीनों में दान राशि और कीमती धातुओं का रिकॉर्ड स्तर पर चढ़ावा दर्ज किया गया है।
भीलवाड़ा का रहस्यमयी धार्मिक स्थल, जहां 400 साल से लगातार जल रही है गुलाब बाबा की धूणी
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में स्थित गुलाबपुरा कस्बा अपनी एक अनोखी और प्राचीन परंपरा के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां 400 वर्षों से संत गुलाब बाबा की धूणी अखंड रूप से जल रही है, जिसे देखने और मन्नत मांगने के लिए दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु आते हैं।