छतरपुर का अनोखा सर्प मंदिर: नागपंचमी पर उमड़ती है आस्था की भीड़, सर्पदंश के मरीजों के ठीक होने का दावा धर्म 2 घंटे पहले 2
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बिदेही बाबा मंदिर अपनी चमत्कारी मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है, जहां सर्पदंश के शिकार लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। नागपंचमी के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में भक्त अपनी मन्नतें लेकर आते हैं।

बिदेही बाबा मंदिर का अनूठा इतिहास

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गौरिहार तहसील के अंतर्गत आने वाले महाराजपुर गांव में एक ऐसा स्थान है जिसे स्थानीय लोग सर्प मंदिर के नाम से जानते हैं। यह बिदेही बाबा का पवित्र मंदिर है, जो अपनी अलौकिक शक्तियों और सर्पदंश के इलाज से जुड़ी मान्यताओं के कारण सुर्खियों में रहता है। मंदिर के पुजारी राजकुमार तिवारी के अनुसार, इस स्थल का इतिहास राजाओं के समय का है। कहा जाता है कि एक राजा ने इस एकांत जंगल को अपना निवास स्थान बनाया था और कुछ समय बाद उन्होंने यहीं पर जीवित समाधि ली थी। आज जिस भव्य मंदिर के हम दर्शन करते हैं, वह उसी समाधि स्थल के ऊपर निर्मित किया गया है।

नागपंचमी पर उमड़ती है भारी भीड़

नागपंचमी का पर्व इस मंदिर में बेहद विशेष माना जाता है। इस दिन यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में होती है, जो दूर-दराज के इलाकों और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी पहुंचते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए मंदिर में मुख्य रूप से नारियल, पान और बताशा अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है कि बिदेही बाबा के आशीर्वाद से भक्तों के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और उन्हें सर्पदंश जैसी गंभीर स्थितियों से सुरक्षा मिलती है।

सर्पदंश के इलाज की रहस्यमयी विधि

पुजारी राजकुमार तिवारी ने मंदिर से जुड़ी उपचार प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनके अनुसार, यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले, तो उसे सबसे पहले बिदेही बाबा का जयकारा लगाना चाहिए और अपने बालों में गांठ बांध लेनी चाहिए। इसके बाद पीड़ित को घी और कालीमिर्च का सेवन करना होता है, लेकिन ध्यान रहे कि इसके साथ पानी का बिल्कुल भी सेवन नहीं करना है। इस प्रक्रिया के तुरंत बाद पीड़ित को मंदिर लाकर बाबा की परिक्रमा करवानी पड़ती है। पुजारी का दावा है कि सांप चाहे कितना भी विषैला क्यों न हो, बाबा की कृपा से मरीज सुरक्षित बच जाता है।

दैनिक आधार पर पहुंच रहे हैं मरीज

मंदिर की ख्याति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बारिश के मौसम में यहां मरीजों की संख्या काफी बढ़ जाती है। पुजारी के मुताबिक, सामान्य दिनों में भी रोजाना करीब 20 से 25 सर्पदंश के मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं और स्वस्थ होकर लौटते हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि कई बार रात के समय भी मरीज मंदिर पहुंचते हैं। ऐसी परिस्थितियों में पुजारी स्वयं अपने घर से तुरंत मंदिर आकर मरीजों को परिक्रमा लगवाते हैं और उपचार सुनिश्चित करते हैं। पुजारी राजकुमार तिवारी का स्पष्ट दावा है कि अब तक जो भी मरीज जीवित हालत में बिदेही बाबा के दरबार में लाया गया है, वह पूरी तरह स्वस्थ होकर ही वापस गया है। यह स्थान आज भी लोगों के लिए अटूट विश्वास का केंद्र बना हुआ है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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