अगर आप जोधपुर की भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और प्राकृतिक जगह पर वीकेंड बिताना चाहते हैं, तो शहर के पास स्थित ये गांव आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।
एम्स नई दिल्ली की एक नई रिसर्च में यह वैज्ञानिक प्रमाण सामने आए हैं कि रोजाना ध्यान करने से मस्तिष्क के नेटवर्क अधिक कुशल बनते हैं और एकाग्रता में सुधार होता है।
गर्मियों के खास फल जामुन का इस्तेमाल अब सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि चटनी बनाने के लिए भी करें। यह स्वादिष्ट और सेहतमंद चटनी पाचन के लिए भी बेहतरीन है।
अक्सर लोग पेशाब संबंधी दिक्कतों को उम्र का असर मानकर अनदेखा कर देते हैं, जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञ के अनुसार सही समय पर जांच और इलाज से इन समस्याओं से छुटकारा पाना संभव है।
अगर आपके घर का मनी प्लांट बढ़ना बंद हो गया है या इसकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो कुछ सामान्य गलतियों को सुधारकर आप इसकी रौनक वापस ला सकते हैं।
राजस्थान के अलवर जिले के मेवात इलाके में पारंपरिक 'सीमी' बनाने का काम तेजी पर है। गेहूं के आटे से बनी यह देसी डिश अपने लाजवाब स्वाद के लिए पूरे क्षेत्र में मशहूर है।
अक्सर यात्रा के दौरान होटल पहुंचने पर आपको चेक-इन के लिए दोपहर 12 बजे तक का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे का वैज्ञानिक और मैनेजमेंट कारण क्या है?
अच्छी सेहत के लिए 7 से 9 घंटे की नींद पर्याप्त होती है, लेकिन 10 घंटे सोने के बाद भी थकान महसूस होना किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।
थायराइड के लक्षणों से जूझ रहे लोगों के लिए सिर्फ दवा लेना काफी नहीं है, बल्कि सही पोषण भी जरूरी है। जानिए कौन से सुपरफूड्स मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने में मदद कर सकते हैं।
घर में दाल बच जाने पर उसे फेंकने की जरूरत नहीं है। आप इस बची हुई दाल से झटपट चटपटा और स्वादिष्ट पराठा तैयार कर सकते हैं जो नाश्ते के लिए एक बेहतरीन विकल्प है।
घर पर हलवा बनाना हर किसी को पसंद है। अगर आप भी सूजी, बेसन और गेहूं के हलवे की आसान रेसिपी और अंतर जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग आज के समय में वजन घटाने का एक चर्चित जरिया बन गई है, लेकिन क्या यह सभी के लिए उपयुक्त है। जानिए किन लोगों को इस डाइट प्लान से बचना चाहिए और इसके संभावित दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं।
जयपुर के 100 साल पुराने मिष्ठान भंडार में मिलने वाली गुलाब शकरी अपनी खास रेसिपी के लिए मशहूर है, जिसे तैयार होने में 40 घंटे से 3 दिन का समय लगता है।
अगर आप बोरिंग खाने से परेशान हैं तो निमाड़ की प्रसिद्ध ठेसा चटनी जरूर ट्राई करें। यह चटनी न केवल बनाने में आसान है, बल्कि 15 दिनों तक सुरक्षित रहती है।
बोकारो और धनबाद की सीमा पर स्थित सत्खटिया वॉटरफॉल मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए एक स्वर्ग जैसा अनुभव प्रदान करता है, जहां घने जंगलों के बीच दो झरनों का संगम देखने को मिलता है।
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