छपरा के मशहूर रामजी समोसे का जादू: 15 साल से स्वाद के दीवाने हैं लोग, जानें क्यों खास हैं यहां के पकवान जीवनशैली एक घंटा पहले 6
बिहार के छपरा जिले के रेरिया नहर चौक पर स्थित रामजी शाह की छोटी सी दुकान अपने बेहतरीन स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, जहां शुद्ध सरसों तेल और घर के मसालों से बने समोसे और ब्रेड पकौड़े खाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है।

छपरा के स्वाद का खास ठिकाना

बिहार के छपरा जिले के ग्रामीण इलाकों में कई ऐसी जगहें हैं, जहां के लजीज पकवान लोगों को दूर-दूर से अपनी ओर खींच लाते हैं। ऐसी ही एक अनूठी जगह है गरखा प्रखंड के रेरिया नहर चौक पर स्थित रामजी शाह की छोटी सी दुकान। इसे श्री राम समोसा भंडार के नाम से पहचाना जाता है। हालांकि यह दुकान काफी छोटी है और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था भी नहीं है, फिर भी यहां के स्वाद के दीवाने इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लोग घंटों कतार में खड़े होकर या खड़े-खड़े ही समोसे और ब्रेड पकौड़े का आनंद लेते हैं।

15 वर्षों से कायम है लोकप्रियता

पिछले 15 वर्षों से भी अधिक समय से रामजी शाह इस दुकान को सफलता के साथ चला रहे हैं। उनकी कार्यशैली बेहद सरल है। वह एक ठेले पर अपनी दुकान लगाते हैं और तय समय पर उसे समेट लेते हैं। इस छोटे से स्टॉल को संचालित करने के लिए 3 लोगों की टीम मिलकर काम करती है। दुकान पर ग्राहकों की भीड़ का आलम यह रहता है कि शाम 3 बजे से शुरू होकर रात 9 बजे तक यहां ग्राहकों का आना-जाना लगा रहता है। कई बार तो यहां इतनी ज्यादा भीड़ जमा हो जाती है कि उसे संभालना तक मुश्किल हो जाता है।

शुद्धता और घर के मसालों का मेल

रामजी शाह की दुकान की सबसे बड़ी विशेषता उनकी शुद्धता और स्वच्छता के प्रति गंभीरता है। यहां हर पकवान शुद्ध सरसों तेल में तैयार किया जाता है, जो इसके स्वाद को और अधिक निखार देता है। सबसे खास बात यह है कि समोसा, ब्रेड पकौड़ा और लौंगलता जैसे स्नैक्स के लिए मसाले वे बाजार से खरीदने के बजाय खुद तैयार करते हैं। इन खास मसालों में गरम मसाला, मीट मसाला, चाट मसाला, हल्दी पाउडर और मिर्च पाउडर का सटीक मिश्रण होता है। यही कारण है कि एक बार जो ग्राहक यहां का स्वाद चख लेता है, वह बार-बार आने के लिए मजबूर हो जाता है।

क्या-क्या मिलता है खास

श्री राम समोसा भंडार पर मिलने वाली वैरायटी ग्राहकों को काफी आकर्षित करती है। रामजी शाह के अनुसार, उनके स्टॉल पर मुख्य रूप से समोसा, ब्रेड पकौड़ा, लौंगलता और पकौड़ी उपलब्ध रहती है। वे बताते हैं कि चूंकि वे मसाले खुद तैयार करते हैं, इसलिए स्वाद में एक खास निरंतरता बनी रहती है। लोग दूसरी जगहों पर जाने के बजाय केवल उनके हाथ के बने पकवानों को ही प्राथमिकता देते हैं। दूर-दराज के इलाकों से लोग केवल इन स्वादिष्ट पकवानों का आनंद लेने के लिए रेरिया नहर चौक का रुख करते हैं।

फाइव स्टार होटल जैसी भीड़

रामजी शाह का कहना है कि उनके स्टॉल की ख्याति इतनी बढ़ गई है कि कई बार उनके पास ग्राहकों की इतनी भीड़ उमड़ती है, जितनी शायद किसी बड़े फाइव स्टार होटल में भी देखने को न मिले। बीते 15 वर्षों से लोगों का विश्वास उन पर लगातार बना हुआ है। उनकी सबसे बड़ी प्रतिबद्धता यह है कि वे खाने की चीजों में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं करते हैं। यही भरोसे की डोर है जो उन्हें पिछले डेढ़ दशक से ग्रामीण बाजार की बादशाहत बनाए रखने में मदद कर रही है। आज भी लोग पूरे भरोसे के साथ उनके यहां आकर स्वादिष्ट और गरमा-गरम नाश्ते का लुत्फ उठा रहे हैं।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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