राष्ट्रीय राजनीति
3 घंटे पहले
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सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
यूट्यूबर गुलशन पाहुजा को देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत प्राप्त हुई है। अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा पाहुजा को सुनाई गई 6 महीने की अवमानना सजा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके साथ ही, कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश भी दिया है। पाहुजा ने हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जजों और पूरी न्यायिक प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाने के लिए आपराधिक अवमानना का दोषी ठहराया गया था।
कानूनी कार्यवाही और सुनवाई का विवरण
इस मामले की सुनवाई जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने की। पाहुजा के वकील ने अदालत के समक्ष यह स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किल पहले ही हिरासत में लगभग 48 दिन बिता चुके हैं। इस तथ्य और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने के साथ ही रिहाई का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश की प्रति उन्हें दस्ती यानी सीधे उपलब्ध कराई जाएगी। इस मामले में सर्वोच्च अदालत ने नोटिस भी जारी कर दिया है।
हाईकोर्ट ने क्यों दी थी सजा
यह पूरा विवाद दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लिए गए स्वतः संज्ञान के बाद शुरू हुआ था। मई में जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए पाहुजा को आपराधिक अवमानना का दोषी माना था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह विशेष उल्लेख किया था कि पाहुजा ने अपने कृत्य के लिए अदालत के सामने कोई पछतावा या खेद व्यक्त नहीं किया।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के अनुसार, सुनवाई के दौरान भी यूट्यूबर ने न्यायिक व्यवस्था के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करना जारी रखा था। पाहुजा ने अदालत के भीतर ही यह दावा किया था कि उन्हें भारतीय अदालतों से न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने न्यायालयों की कार्यशैली की तुलना तानाशाही से की थी और अदालतों की मनमानी बढ़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन्हीं टिप्पणियों को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक दिया है।
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