कम उम्र में क्यों सफेद होने लगते हैं बाल? न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से जानिए वजह और देखभाल के तरीके जीवनशैली एक घंटा पहले 5
असमय बाल सफेद होने के पीछे खराब डाइट, जेनेटिक्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस जैसे कई कारण जिम्मेदार होते हैं। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने बालों की सेहत सुधारने के कुछ बेहद कारगर तरीके साझा किए हैं।

कम उम्र में बालों की सफेदी की मुख्य वजहें

आजकल बहुत से लोग समय से पहले बालों के सफेद होने की समस्या से परेशान रहते हैं। कम उम्र में ही सिर पर उड़ती सफेदी देखकर लोग अक्सर यह सोचने लगते हैं कि इसे कैसे रोका जाए और बालों की सेहत को कैसे सुधारा जाए। जाने-माने सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने बालों के स्वास्थ्य से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा की हैं। उनके अनुसार बालों का सफेद होना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन अगर यह समय से बहुत पहले होने लगे तो इसके पीछे जेनेटिक्स यानी पारिवारिक कारण सबसे बड़ी वजह हो सकते हैं। इसके अलावा शरीर में मेलेनिन की कमी होना भी बालों के सफेद होने का एक मुख्य कारण है।

शरीर में पोषक तत्वों की यह कमी अक्सर तब पैदा होती है जब लोग अचानक बहुत सख्त या स्ट्रिक्ट डाइट का पालन करने लगते हैं। ऐसा करने से शरीर को आवश्यक पोषण नहीं मिलता और उसमें जिंक, बी 12 तथा आयरन जैसे जरूरी तत्वों की कमी हो जाती है। इसके अलावा पर्याप्त नींद न लेना, धूम्रपान करना और शराब का सेवन करना भी सेहत पर बुरा असर डालता है। इन आदतों की वजह से शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जो बालों को समय से पहले सफेद बना देता है।

बालों को स्वस्थ और मजबूत रखने के आसान उपाय

न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर के अनुसार अपनी रोजमर्रा की आदतों और खानपान में थोड़ा सा बदलाव करके बालों की सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। बालों की सही देखभाल के लिए निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:

  • खानपान में शामिल करें तरह-तरह की दालें: अपनी नियमित डाइट में केवल एक ही तरह की दाल खाने के बजाय अलग-अलग प्रकार की दालों को जगह देनी चाहिए। दालें मुख्य रूप से प्रोटीन, आयरन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत होती हैं, जो बालों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी हैं। इसलिए अपनी थाली में मूंग, मसूर, अरहर और उड़द जैसी दालों को बदल-बदलकर शामिल करना चाहिए।
  • नियमित रूप से करें तेल की मालिश: बालों की बेहतर सेहत के लिए सिर में नियमित रूप से तेल लगाना काफी लाभदायक रहता है। हल्के हाथों से सिर की मालिश करने पर न केवल आराम मिलता है, बल्कि बालों को संभालना और व्यवस्थित रखना भी आसान हो जाता है। आप अपने बालों की बनावट और जरूरत के अनुसार नारियल तेल या तिल के तेल का चयन कर सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सिर्फ तेल लगाने से सफेद बालों का आना पूरी तरह रुक जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं होती।
  • केमिकल ट्रीटमेंट और हीट टूल्स का प्रयोग घटाएं: बालों की प्राकृतिक चमक और मजबूती बनाए रखने के लिए बार-बार केमिकल ट्रीटमेंट कराने से बचना चाहिए। साथ ही बालों की स्ट्रेटनिंग, कर्लिंग और अधिक गर्मी देने वाले हेयर स्टाइलिंग टूल्स का बार-बार इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ये उपकरण और केमिकल बालों को रूखा, कमजोर और टूटने वाला बना देते हैं। यदि बालों को सुखाना बेहद जरूरी हो, तो हमेशा कम तापमान का ही प्रयोग करें ताकि बालों को नुकसान न पहुंचे।
डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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