पंजाब
एक घंटा पहले
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विचारों
सदन में तल्ख टिप्पणी और विवाद
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन का माहौल उस समय गरमा गया जब भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने एक बेहद विवादित बयान दिया। सदन में चल रही चर्चा के दौरान जब सत्ता पक्ष की ओर से केंद्र सरकार पर फंड रोकने के आरोप लगाए गए, तो अश्विनी शर्मा ने इसका जवाब देते हुए राज्य सरकार की कार्यशैली पर कटाक्ष किया। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपनी हर असफलता का ठीकरा केंद्र के सिर फोड़ने की आदी हो चुकी है।
विधायक का अजीब तर्क
विधायक अश्विनी शर्मा ने सदन में अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा, यदि किसी के घर में लड़का पैदा होता है, तो ये लोग इसे अपनी मेहनत का परिणाम बताते हैं, लेकिन अगर किसी के घर लड़की पैदा हो जाए, तो उसके लिए भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। इस टिप्पणी को सदन में मौजूद सत्ता पक्ष के सदस्यों ने महिलाओं के प्रति असंवेदनशील और अपमानजनक माना। हालांकि, अपनी बात शुरू करने से पहले शर्मा ने यह भी कहा था कि मैं यह बात माफी मांगते हुए कह रहा हूं।
अवैध खनन का मुद्दा उठाया
अश्विनी शर्मा ने इस दौरान राज्य में अवैध खनन की गंभीर स्थिति को लेकर भी आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरा। उन्होंने राज्य सरकार की नीति जिसदा खेत, उसदी रेत पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस योजना का हश्र क्या हुआ है, इसे जमीनी हकीकत से जाकर समझा जाना चाहिए। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जो कोई भी अवैध खनन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करता है, उसे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा धमकाया जाता है और चुप कराने की कोशिश की जाती है।
आम आदमी पार्टी का कड़ा विरोध
अश्विनी शर्मा के लड़की के जन्म से जुड़े बयान के तुरंत बाद विधानसभा में हंगामा शुरू हो गया। आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने विधायक की टिप्पणी को महिलाओं का अपमान करार दिया और उनसे तत्काल माफी मांगने की मांग की। सत्ता पक्ष ने इस बयान को सदन की मर्यादा के विरुद्ध बताया और तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।
विधायक की सफाई
विवाद बढ़ता देख अश्विनी शर्मा ने अपने पक्ष में सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि वह केवल एक कहावत के जरिए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा अध्यक्ष को यह टिप्पणी असंसदीय प्रतीत होती है, तो इसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाना चाहिए। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि जब बरनाला में महिलाओं पर लाठीचार्ज हुआ था, तब ये लोग अपनी नैतिकता कहां खो गए थे।
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