भारत की पहली बुलेट ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम तैयार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिखाई पहली झलक; जानें कब से पटरियों पर दौड़ेगी व्यापार एक घंटा पहले 5
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण से जुड़ा बड़ा अपडेट साझा करते हुए इसका पहला बॉडी फ्रेम तैयार होने की जानकारी दी है। अगले वर्ष मई या जून तक ट्रेन पटरियों पर ट्रायल के लिए उतरेगी और सूरत-बिलिमोरा सेक्शन के बाद वडोदरा से मुंबई का सफर केवल 90 मिनट में पूरा होगा।

देश की पहली बुलेट ट्रेन का निर्माण तेज, रेल मंत्री ने साझा की जानकारी

भारत की हाई-स्पीड रेल परियोजना को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और उत्साहजनक खबर सामने आई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश की पहली बुलेट ट्रेन की पहली झलक सोशल मीडिया पर साझा की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि क्या आप भारत की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण के लिए तैयार हैं? रेल मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस हाई-स्पीड ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है और इसे दबाव परीक्षण यानी 'स्क्वीज टेस्ट' के लिए भेजा गया है।

अगले साल मई-जून में शुरू होगा टेस्टिंग ट्रायल

बेंगलुरू में आयोजित 'नमो फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने ट्रेन की समयसीमा को लेकर अहम ब्योरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले वर्ष मई या जून तक भारत की स्वदेशी बुलेट ट्रेन पटरियों पर टेस्टिंग के लिए उतर जाएगी। इस दौरान ट्रेन का 2 से 4 महीने तक गहन परीक्षण किया जाएगा। टेस्टिंग प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं देश की इस पहली बुलेट ट्रेन सेवा का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे।

वडोदरा से मुंबई की दूरी महज 90 मिनट में होगी पूरी

बुलेट ट्रेन सेवा के प्रारंभ होने से यात्रियों के समय में भारी बचत होगी। रेल मंत्री के अनुसार, जब यह ट्रेन सेवा पूरी तरह से शुरू हो जाएगी, तब यात्री वडोदरा से मुंबई तक का लंबा सफर मात्र 90 मिनट यानी डेढ़ घंटे में तय कर सकेंगे। प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण से प्रेरित यह परियोजना भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी।

सूरत और बिलिमोरा के बीच पहला सेक्शन शुरू करने का लक्ष्य

रेल मंत्रालय की योजना के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट में सबसे पहले सेक्शन को शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • पहला चरण: अगले साल सूरत और बिलिमोरा के बीच बुलेट ट्रेन के पहले सेक्शन को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • MAHSR कॉरिडोर: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) कॉरिडोर देश की सबसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक है।
  • तेज प्रगति: इस पूरे रूट पर निर्माण कार्य उम्मीद से कहीं ज्यादा रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है।

यह परियोजना भारत में उच्च गति वाली रेल यात्रा के एक नए युग की शुरुआत करेगी।

नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी मिली हरी झंडी

इसके अलावा, देश के अन्य हिस्सों में भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर' को भी अपनी मंजूरी दे दी है। इस फैसले से उत्तर प्रदेश को अपनी पहली हाई-स्पीड रेल सेवा प्राप्त होगी। इस नए कॉरिडोर के बनने से दिल्ली और वाराणसी के बीच की यात्रा का समय घटकर केवल 3.5 घंटे रह जाएगा। वर्तमान समय में पारंपरिक ट्रेनों के जरिए इस दूरी को तय करने में कई घंटों का वक्त लगता है, जिसमें इस नए कॉरिडोर के शुरू होने के बाद भारी कमी आएगी।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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