बिहार में दो निर्दलीय एमएलसी के समर्थन पर सियासत गरमाई, राजद की सदस्यता खत्म करने की धमकी बिहार 2 घंटे पहले 8
बिहार के दो निर्दलीय विधान पार्षदों के भाजपा के प्रति समर्थन दिखाने के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है, जिसे लेकर राजद ने कड़ी आपत्ति जताई है।

सियासी गलियारों में चर्चा का विषय

बिहार की राजनीति में एक बार फिर से दल-बदल और संवैधानिक प्रावधानों को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। हाल ही में दो निर्दलीय विधान पार्षदों यानी एमएलसी के भारतीय जनता पार्टी के खेमे के साथ नजर आने के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मामला सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर आए राहुल राज और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रतिनिधि बंशीधर ब्रजवासी से जुड़ा है। इन दोनों नेताओं के भाजपा के समर्थन में खड़े होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल ने मोर्चा खोल दिया है।

राजद की कानूनी चेतावनी

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने इस घटनाक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मनोज झा का तर्क है कि निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना संविधान की मूल भावना और दल-बदल कानून के नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि वे इन दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द करवाने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाएंगे। राजद का कहना है कि वे इस मामले को लेकर सदन के भीतर और बाहर भी आवाज बुलंद करेंगे।

भाजपा का पलटवार

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि इन दोनों विधान पार्षदों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण नहीं की है, इसलिए दल-बदल कानून लागू होने का सवाल ही नहीं उठता है। पार्टी के अनुसार, ये एमएलसी केवल समर्थन दे रहे हैं, जो पूरी तरह से उनका व्यक्तिगत अधिकार है। भाजपा ने राजद के आरोपों को खारिज करते हुए इसे केवल राजनीतिक स्टंट करार दिया है।

कानूनी पेच और आगामी राजनीति

सारण और तिरहुत निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े इस विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। दल-बदल कानून के जानकारों का मानना है कि यदि कोई निर्दलीय सदस्य किसी राजनीतिक दल के साथ मंच साझा करता है या आधिकारिक तौर पर समर्थन की घोषणा करता है, तो उसे कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में यह मामला एक बड़ी बहस का मुद्दा बना हुआ है और आगे चलकर इस पर कोई ठोस फैसला या कार्रवाई होने की पूरी संभावना है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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