पश्चिम बंगाल
एक घंटा पहले
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तृणमूल कांग्रेस के लिए सोमवार का दिन किसी झटके से कम नहीं रहा। ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी फूट के संकेत मिले हैं। पहले पार्टी के करीब 60 विधायकों ने अपना अलग गुट बना लिया था और अब 20 सांसदों ने भी ममता बनर्जी से दूरी बना ली है। मिली जानकारी के मुताबिक, टीएमसी के ये 20 सांसद टूटकर एनडीए में शामिल हो रहे हैं। पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने दिल्ली में इन बागी सांसदों से मुलाकात की। इस पूरे घटनाक्रम में सांसद काकोली घोष दस्तीदार बागी खेमे की अगुवा बनकर सामने आई हैं और उन्होंने सोमवार को मीडिया के सामने कई बड़े दावे किए।
काकोली घोष ने क्या कहा?
काकोली घोष ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद उनके साथ हैं और टीएमसी से अलग होने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से सदन में अलग बैठने की मांग की है और अपने गुट के लिए मान्यता मांगी है। काकोली का यह भी कहना है कि पार्टी के कई और सांसद आने वाले समय में उनसे जुड़ेंगे। गौरतलब है कि लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं, ऐसे में 20 सांसदों का अलग होना ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
'ममता राज में बंगाल 40 साल पीछे चला गया'
काकोली घोष ने साफ किया कि वह टीएमसी से अलग हो रही हैं और उनका गुट एनडीए के साथ जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगी। काकोली ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार के कार्यकाल में कई घोटाले हुए। ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासन में बंगाल चालीस साल पीछे चला गया। काकोली ने यह भी शिकायत की कि ममता बनर्जी ने उनकी बात नहीं सुनी और दोहराया कि वह बंगाल और देश के लिए काम करना चाहती हैं।
'हमारे लिए देश का मुद्दा सबसे ऊपर'
लोकसभा सांसद काकोली घोष ने कहा, "आगे क्या होगा, यह तो बाद में पता चलेगा। अभी के लिए, क्या यह काफी नहीं है कि हम बंगाल और देश के लिए काम करना चाहते हैं और भारत को सुरक्षित रखना चाहते हैं? यह एक अहम मुद्दा है। हमारे लिए देश का मुद्दा सबसे ऊपर है।"
जब उनसे पूछा गया कि क्या ममता बनर्जी ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने जवाब दिया, "उस तरफ से किसी ने संपर्क करने की कोशिश नहीं की। जब मैं ज़िला अध्यक्ष थी और चुनाव के नतीजे खराब रहे, तो मैंने व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी ली। मुझे लगा कि शायद मैंने अपना काम ठीक से नहीं किया और मैंने पद छोड़ दिया। उसके बाद भी, न तो कोई मुझसे मिला और न ही किसी ने फ़ोन किया; मुझे बस किनारे कर दिया गया। ऐसा लगा जैसे किसी को मुझ पर भौंकने के लिए छोड़ दिया गया हो। मैं 40 साल से ममता बनर्जी के साथ हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे ऐसा दिन भी देखना पड़ेगा जब वह किसी को मुझे गालियां देने के लिए कहेंगी।"
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