अभिषेक बनर्जी की परेशानियां बरकरार, भड़काऊ भाषण मामले में CID ने छह घंटे से ज्यादा पूछताछ की पश्चिम बंगाल एक महीने पहले 26
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित भड़काऊ बयान देने के मामले में सांसद अभिषेक बनर्जी से सीआईडी ने मंगलवार को छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। यह प्राथमिकी एक महीने पहले बगुईआटी थाने में दर्ज शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के समय कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने से जुड़े मामले में सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें घटती नहीं दिख रही हैं। तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी से मंगलवार को राज्य के अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने छह घंटे से भी अधिक समय तक सवाल-जवाब किए। एक अधिकारी के मुताबिक, बनर्जी दोपहर से पहले कोलकाता स्थित सीआईडी मुख्यालय 'भवानी भवन' पहुंच गए थे और राज्य की जांच एजेंसी के दफ्तर से वे शाम करीब छह बजकर 25 मिनट पर बाहर आए।

कार्यालय से बाहर निकलने के बाद सांसद ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पत्रकारों के किसी भी सवाल पर कुछ नहीं कहा। वहां से वे सीधे टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पहुंचे। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, इससे पहले विधायकों के जाली हस्ताक्षर से जुड़े मामले में सीआईडी 11 और 14 जून को भी उनसे पूछताछ कर चुकी है।

शिक्षक भर्ती घोटाले में भी हुई थी पूछताछ

शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी तृणमूल नेता से पूछताछ की थी। राज्य की जांच एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, डायमंड हार्बर से सांसद के लिए सवालों की एक पूरी सूची पहले से तैयार की गई थी। अधिकारी ने बताया, 'उनसे यह भी जानने की कोशिश की गई कि चुनावी रैलियों के दौरान दिए गए उनके भड़काऊ बयानों के पीछे क्या मकसद था।'

पूछताछ में दिखाया गया वीडियो फुटेज

जानकारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान सीआईडी के अधिकारियों ने बनर्जी को उस बैठक का वीडियो फुटेज भी दिखाया, जिसमें उन्होंने कथित रूप से यह बयान दिया था। पूछताछ की समूची प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है और साथ ही उसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। बनर्जी के विरुद्ध कथित भड़काऊ बयानों को लेकर एक महीने पहले प्राथमिकी दर्ज हुई थी। यह प्राथमिकी उत्तर 24 परगना जिले के बगुईआटी थाने में सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की ओर से पांच मई को दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज की गई।

क्या हैं आरोप

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोप है कि तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव ने चुनाव बाद की हिंसा और मतगणना की प्रक्रिया को लेकर भड़काऊ टिप्पणियां की थीं। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि बनर्जी ने अपनी भड़काऊ टिप्पणियों के जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया था। अधिकारी के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दर्ज हुआ है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बनर्जी ने 27 अप्रैल से तीन मई के बीच चुनाव से संबंधित कई कार्यक्रमों के दौरान भड़काऊ भाषण दिए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया था, 'शिकायतकर्ता का कहना है कि जनसभाओं में की गई कुछ टिप्पणियां उकसाने वाली थीं और उनसे सार्वजनिक व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने की आशंका पैदा हुई।'

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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