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एक घंटा पहले
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साल 2001 में सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली 'गदर: एक प्रेम कथा' को रिलीज हुए आज पूरे 25 साल पूरे हो गए हैं। सनी देओल और अमीषा पटेल की इस ब्लॉकबस्टर ने अपनी देशभक्ति, असरदार डायलॉग्स और तारा-सकीना की यादगार प्रेम कहानी के दम पर बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया था। इस फिल्म ने दुनिया भर में 100 करोड़ से ज्यादा की रिकॉर्डतोड़ कमाई की थी। सिल्वर जुबली के इस मौके पर अगर आप इस सदाबहार फिल्म को दोबारा देखना चाहें, तो यह ओटीटी पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है।
25 साल बाद भी कायम है फिल्म का जादू
दर्शकों के बीच इस फिल्म की दीवानगी आज भी उतनी ही है, जितनी 25 साल पहले थी। यह हिंदी सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी, जिसने सनी देओल के तारा सिंह और अमीषा पटेल के सकीना वाले किरदार को घर-घर में मशहूर कर दिया। दमदार संवाद, भावनात्मक प्रेम कहानी, देशभक्ति का जज्बा और सदाबहार गानों की वजह से लोग आज भी इसे बेहद चाव से याद करते हैं और तारा-सकीना की जोड़ी पर अपना प्यार लुटाते हैं।
क्या है तारा-सकीना की कहानी
अनिल शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सनी देओल, अमीषा पटेल और अमरीश पुरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। 1947 के भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर रची गई यह कहानी तारा सिंह नाम के एक सिख ट्रक ड्राइवर की है, जिसे एक रसूखदार मुस्लिम परिवार की लड़की सकीना से प्यार हो जाता है।
बंटवारे के दंगों और हिंसा के बीच दोनों शादी कर लेते हैं और भारत में नई जिंदगी शुरू करते हैं। मगर उनकी खुशियों को उस वक्त नजर लग जाती है, जब सकीना का परिवार उसे जबरन पाकिस्तान ले जाता है। इसके बाद अपनी पत्नी और बेटे को वापस लाने के लिए तारा सिंह सरहद पार जाता है और हर मुश्किल से जूझते हुए अपने परिवार को वापस भारत ले आता है।
किन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखें फिल्म
अगर आप 'गदर: एक प्रेम कथा' देखना चाहते हैं, तो यह ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 और अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीमिंग के लिए मौजूद है। इसे आज भी सनी देओल और अमीषा पटेल के करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है। रोमांस, फैमिली ड्रामा, एक्शन और देशभक्ति का जो बेजोड़ मेल इस फिल्म में था, वह सीधे दर्शकों के दिलों में उतर गया।
आइकॉनिक डायलॉग और एक्शन सीन
सनी देओल की दमदार परफॉर्मेंस और उनके जबरदस्त एक्शन सीन फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी बन गए थे, जिनकी चर्चा आज भी होती है। फिल्म का मशहूर संवाद 'हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा' दशकों बाद भी फैंस की जुबान पर चढ़ा हुआ है।
संगीत ने भी निभाई बड़ी भूमिका
सिनेमाघरों से उतरने के बाद भी इस फिल्म का जलवा कम नहीं हुआ। टीवी प्रीमियर और वीडियो कैसेट के जरिए यह फिल्म सालों तक हर भारतीय परिवार की पॉप-कल्चर का हिस्सा बनी रही। इसकी कामयाबी में संगीत और गानों का भी बड़ा योगदान रहा। 'मैं निकला गड्डी लेके', 'उड़ जा काले कावां' और 'मुसाफिर जाने वाले' जैसे गाने उस दौर में चार्टबस्टर रहे और आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं।
इमोशनल कहानी है असली ताकत
'गदर' को आज तक इतना प्यार मिलने की सबसे बड़ी वजह इसकी भावनात्मक कहानी है। गहराई से देखें तो यह दो प्रेमियों की दास्तान है, जिन्हें हालात जुदा कर देते हैं। इसके एक्शन सीन और देशभक्ति वाले पल भले ही चर्चा में रहते हों, लेकिन दर्शकों का असली जुड़ाव परिवार, बलिदान और अटूट प्रेम जैसे जज्बातों की वजह से ही बना हुआ है।
बॉक्स ऑफिस पर तोड़े थे सारे रिकॉर्ड
बॉक्स ऑफिस की बात करें तो 'गदर' ने उस समय कमाई के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार, 19 करोड़ की लागत में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में 133 करोड़ का ताबड़तोड़ कारोबार किया था। साल 2001 में इसका मुकाबला आमिर खान की 'लगान' जैसी बड़ी फिल्म से था, इसके बावजूद यह उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बनकर उभरी।
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