सैलानियों की पहली पसंद बनी चंपारण की यह खूबसूरत जगह, प्राकृतिक नजारों का लुत्फ उठाने रोजाना पहुंच रहे 1,000 पर्यटक जीवनशैली एक घंटा पहले 3
पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में स्थित सरैया मन वन्य जीव स्थली अपनी बेमिसाल प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र बन चुकी है, जहां रोजाना करीब 1,000 लोग पहुंच रहे हैं।

बिहार के प्राकृतिक सौंदर्य में एक नया अध्याय जुड़ गया है। दूर-दूर तक फैली शीतल जल की झील, चारों ओर हरियाली की चादर ओढ़े घने जंगल, पेड़ों की शाखों से गूंजती पक्षियों की मधुर आवाजें और प्रकृति की गोद में शांति से समय बिताने के लिए बने बेहद खूबसूरत हट। यह अद्भुत और मनमोहक दृश्य किसी अत्यधिक महंगे या दूरदराज के पर्यटन स्थल का नहीं है। इसके लिए आपको किसी बड़े महानगर या राजधानी पटना और गयाजी जैसे प्रसिद्ध स्थलों तक जाने की भी आवश्यकता नहीं है। यह खूबसूरत नजारा आपको बिहार के ही पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड में स्थित शांत और मनोरम प्राकृतिक पर्यटन स्थल सरैया मन वन्य जीव स्थली में देखने को मिल जाएगा।

करीब 850 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है यह प्राकृतिक खजाना

जिला मुख्यालय बेतिया से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरैया मन वन्य जीव स्थली इन दिनों प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह बन चुकी है। इस खूबसूरत स्थल को लोग उदयपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के नाम से भी जानते हैं। आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि इस प्राकृतिक स्थल की सुंदरता को निहारने के लिए यहां हर दिन औसतन करीब 1,000 पर्यटक पहुंच रहे हैं। लगभग 850 हेक्टेयर के विशाल भूभाग में फैले इस घने जंगल में आकर पर्यटक असीम शांति का अनुभव करते हैं। यहां की ठंडी झील और पक्षियों की चहचहाहट लोगों को इस कदर आकर्षित करती है कि सैलानी यहां पूरा दिन बिताने के बाद ही वापस लौटते हैं।

वर्ष 2025 में मिला रामसर साइट का गौरवशाली दर्जा

इस वन्यजीव स्थली के इतिहास और महत्व में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब वर्ष 2025 में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामसर साइट का दर्जा दिया गया। इस महत्वपूर्ण मान्यता के बाद से इस स्थल की प्रसिद्धि पूरी दुनिया में फैल गई और यहां पर्यटकों की आमद काफी बढ़ गई है। इस घने जंगल के भीतर घूमने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों को बेहद करीब से देखने का रोमांचक अवसर मिलता है। यहां आने वाले लोग अक्सर सियार, लोमड़ी, जंगली सूअर, हिरण और जंगली खरगोश जैसे जानवरों को स्वतंत्र रूप से घूमते हुए देख सकते हैं। इसके अलावा, सारस सहित सैकड़ों अन्य प्रजातियों के खूबसूरत पक्षी इस पूरे क्षेत्र की शोभा बढ़ाते हैं।

इंटरप्रेटेशन सेंटर में दिखेगा वाल्मीकि टाइगर रिजर्व का अनूठा मॉडल

सैलानियों की सुविधा और ज्ञानवर्धन के लिए इस जंगल के बीचों-बीच एक शानदार इंटरप्रेटेशन सेंटर का निर्माण किया गया है। इस केंद्र में पर्यटकों को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले विभिन्न दुर्लभ वन्यजीवों की सजीव प्रतिमाएं देखने को मिलती हैं। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित जीव शामिल हैं:

  • इंडियन बाइसन
  • घड़ियाल
  • स्ट्राइप्ड हायनास
  • इंडियन वुल्फ
  • इंडियन रॉक पायथन
  • किंग कोबरा

इन प्रतिमाओं के साथ-साथ पर्यटकों को इन जीवों के रोचक व्यवहार और उनकी आदतों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इस सेंटर की एक और बड़ी खासियत यह है कि यहां पूरे उदयपुर वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को भी एक बेहतरीन मॉडल के माध्यम से दर्शाया गया है, जिससे पर्यटक इस पूरे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और विस्तार को आसानी से समझ सकते हैं।

मनोरंजन और सुविधाओं का पूरा पैकेज

इस वन्यजीव स्थली को पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक और मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित किया गया है। यहां आने वाले सैलानी कई प्रकार की रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं:

  • वोटिंग का आनंद: सैलानी प्राकृतिक रूप से बनी ठंडे पानी की सुंदर झील में मोटर बोटिंग का आनंद ले सकते हैं।
  • बर्ड व्यू पॉइंट: झील के शीतल जल में अठखेलियां करती पक्षियों को करीब से देखने और उनकी तस्वीरें खींचने के लिए यहां एक विशेष बर्ड व्यू पॉइंट बनाया गया है।
  • चिल्ड्रन पार्क: बच्चों के खेलने और मनोरंजन के लिए यहां एक सुंदर चिल्ड्रन पार्क का निर्माण किया गया है।
  • मिनी सफारी: प्रदूषण मुक्त वातावरण बनाए रखने के लिए सैलानियों को EV कार्ट के जरिए मिनी सफारी की सुविधा दी जाती है।
  • कैंटीन की सुविधा: घूमने-फिरने के बाद पर्यटकों के खान-पान के लिए यहां की कैंटीन में विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन उपलब्ध कराए जाते हैं।

इन सभी सुविधाओं और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण सरैया मन वन्य जीव स्थली आज के समय में हर वर्ग के लोगों के लिए सप्ताहांत बिताने का सबसे बेहतरीन और पसंदीदा गंतव्य बन चुकी है। यदि आप भी प्रकृति के करीब कुछ पल शांति के बिताना चाहते हैं, तो पश्चिम चंपारण का यह खूबसूरत स्थल आपका इंतजार कर रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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