दिल्ली-NCR और यूपी समेत 13 राज्यों में मौसम का अलर्ट, आज 70 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं भारत एक घंटा पहले 4
मौसम विभाग ने 17 सितंबर के लिए देश के 13 राज्यों में तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

आज घर से निकलने से पहले मौसम पर रखें नजर

यदि आपने आज कहीं बाहर जाने की योजना बनाई है, तो सतर्क हो जाएं क्योंकि देश के 13 राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ने वाला है। 17 सितंबर के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और भीषण आंधी का अनुमान जताया है। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है, जो सामान्य जनजीवन के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।

पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा प्रभाव

मौसम के इस बदलाव का सबसे व्यापक असर पूर्वी भारत के राज्यों में दिखाई देगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में आज भारी से लेकर बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान है। विभाग का कहना है कि यह बारिश का दौर केवल आज तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगले तीन दिनों तक पूर्वी भारत के अलग-अलग हिस्सों में इसी तरह की मौसमी हलचल जारी रहने की संभावना है।

उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली में अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख जिलों, जैसे गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र में आंधी और बारिश का अलर्ट है। यहां हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं। इसी प्रकार, बिहार के पटना, गया, बक्सर, सारण, सिवान, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज और भागलपुर में बारिश और तेज हवाओं के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली की बात करें तो आज यहां बादल बरसेंगे और हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जिससे तापमान में कमी आएगी। दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सलाह दी गई है कि आंधी के दौरान खुले स्थानों या कमजोर ढांचे वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें।

पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक खतरा

पहाड़ी राज्यों में स्थिति और भी कठिन हो सकती है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश और आंधी का अलर्ट है, जिसके चलते भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा राजस्थान, पंजाब, झारखंड और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने की आशंका है, जबकि भारी बारिश से जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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