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एक घंटा पहले
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विचारों
नब्बे के दशक का संगीत आज भी सुनने वालों के मन में एक अलग ही जगह रखता है। उसी दौर का एक ऐसा गीत है, जिसकी मिठास समय के साथ कम होने के बजाय और गहरी होती गई। राहुल रॉय और शीबा अभिनीत फिल्म 'प्यार का साया' का गीत 'हर घड़ी मेरे प्यार का साया' इसी श्रेणी में आता है, जो आज भी पुरानी यादों को ताज़ा कर देता है।
फिल्म और गीत का परिचय
'प्यार का साया' साल 1991 में परदे पर आई थी। इसमें राहुल रॉय और शीबा मुख्य भूमिका में थे। फिल्म का यह रोमांटिक ट्रैक अपने रूहानी अंदाज़ की वजह से उस दौर के सबसे यादगार गीतों में गिना जाता है।
आवाज़ों ने दी अमरता
इस गीत को कुमार सानू और आशा भोंसले ने अपनी आवाज़ दी और इसी जोड़ी की गायकी ने इसे हमेशा के लिए अमर बना दिया। दोनों कलाकारों की आवाज़ का मेल गीत को एक अलग ही ऊँचाई तक ले जाता है।
संगीत और बोल की खूबी
गीत की सबसे बड़ी विशेषता इसका संगीत और इसकी सादगी है। समीर के लिखे बोल सुनने वालों के दिल को सुकून पहुँचाते हैं। नदीम-श्रवण की जोड़ी ने उस समय धुनों का जो जादू बिखेरा था, यह गीत उसी का एक बेहतरीन उदाहरण है।
आज भी कायम है लोकप्रियता
दशकों बीत जाने के बाद भी इस गीत का आकर्षण ज़रा भी कम नहीं हुआ है। लोग आज भी इसे बड़े चाव से सुनना और देखना पसंद करते हैं, और बार-बार सुनने पर भी इससे मन नहीं भरता।
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