इमरान हाशमी का वह यादगार नगमा, जिसकी धुन में आज भी बसा है बिछड़ने का गम मनोरंजन 2 महीने पहले 82
वर्ष 2007 में आई फिल्म अवारापन का गाना तो फिर आओ आज भी प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है। प्रीतम के संगीत और मुस्तफा जाहिद की आवाज ने इसे सदाबहार बना दिया है।

एक ऐसी धुन जो रूह को छू लेती है

साल 2007 में प्रदर्शित फिल्म अवारापन न केवल अपनी कहानी के लिए याद की जाती है, बल्कि इसके संगीत ने भी एक खास जगह बनाई है। फिल्म का मशहूर गीत तो फिर आओ आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। इस गाने को सुनकर हर किसी को जुदाई का अहसास और दिल का दर्द महसूस होता है। इमरान हाशमी और श्रिया सरन के करियर की यह एक यादगार फिल्म रही है, जिसमें किरदारों की अधूरी दास्तान और तड़प को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया था।

संगीत और बोल का बेहतरीन संगम

इस गाने को पाकिस्तानी रॉक बैंड जल के पूर्व कलाकार मुस्तफा जाहिद ने अपनी भावुक आवाज में सजाया है। उनकी भारी और रूहानी आवाज ने इस गाने में दर्द की एक ऐसी परत जोड़ दी, जो आज भी सुनने वालों की आंखों में आंसू ले आती है। गाने के संगीत का जादू मशहूर संगीतकार प्रीतम ने बिखेरा है, जबकि इसके जज्बाती और गहरे शब्दों को लिखने का काम गीतकार सईद कादरी ने किया है। यह गाना आज भी उन लोगों के लिए एक मरहम की तरह है, जो अपने प्यार को खो चुके हैं।

आन्या कपूर पाबना के मनोरंजन रिपोर्टर हैं, जो बॉलीवुड, ओटीटी और टेलीविजन की खबरें कवर करते हैं। फिल्मों, वेब सीरीज, सेलिब्रिटी और बॉक्स ऑफिस पर उनकी पैनी नजर रहती है। वे मनोरंजन जगत की हलचल को रोचक अंदाज में दर्शकों तक लाते हैं।

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