उपनाम: सईद कादरी
इमरान हाशमी का वह यादगार नगमा, जिसकी धुन में आज भी बसा है बिछड़ने का गम
वर्ष 2007 में आई फिल्म अवारापन का गाना तो फिर आओ आज भी प्रेमियों की पहली पसंद बना हुआ है। प्रीतम के संगीत और मुस्तफा जाहिद की आवाज ने इसे सदाबहार बना दिया है।
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2 महीने पहले