उत्तराखंड
2 महीने पहले
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विचारों
महंगाई के दौर में बदलती प्राथमिकताएं
आज के समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट ने यात्रा की प्लानिंग को पूरी तरह बदल दिया है। हम अपनी छुट्टियों से लेकर पहनावे और खाने तक की हर चीज इंटरनेट की मदद से तय करते हैं। इस वजह से देश के भीतर घूमने का चलन तो बढ़ा है, लेकिन साथ ही एक नई समस्या भी पैदा हुई है। अब घरेलू पर्यटन इतना महंगा हो गया है कि कई बार पड़ोसी देशों की यात्रा करना कहीं ज्यादा सस्ता और आसान साबित हो रहा है।
मुंबई के पर्यटक की दिलचस्प कहानी
इस स्थिति को मुंबई के रहने वाले पारितोष के अनुभव से समझा जा सकता है। पारितोष अपनी गर्मी की छुट्टियों के लिए ऋषिकेश जाने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने इसके लिए काफी रिसर्च भी की थी। हालांकि, जैसे ही उन्होंने ऋषिकेश की यात्रा के कुल बजट का आकलन किया, उन्हें अपनी योजना में बदलाव करना पड़ा। स्थानीय पर्यटन के बढ़ते खर्चों को देखते हुए उन्होंने ऋषिकेश जाने का प्लान रद्द कर दिया और अंत में विदेश यानी श्रीलंका जाने का फैसला लिया।
क्यों सस्ता पड़ रहा है विदेशी सफर
पारितोष का मामला यह बताने के लिए काफी है कि कैसे घरेलू पर्यटन के ऊंचे दाम लोगों को विकल्प तलाशने पर मजबूर कर रहे हैं। जब लोग देखते हैं कि उनके घर के पास घूमने की तुलना में किसी अन्य देश की ट्रिप का खर्चा समान या उससे कम बैठ रहा है, तो वे विदेश का रुख कर रहे हैं। 1801 किलोमीटर दूर स्थित श्रीलंका की यात्रा का विकल्प चुनना यही दर्शाता है कि आज का जागरूक पर्यटक अब अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से स्मार्ट फैसले ले रहा है।
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