वाराणसी: BHU में जूनियर डॉक्टर की संदिग्ध मौत, खुद एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर खत्म की जीवन लीला उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 64
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सुश्रुत छात्रावास में रहने वाले 26 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने खुद की नसों में एनेस्थीसिया ड्रग की ड्रिप लगाकर जान दे दी। कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।

बीएचयू में फैली सनसनी

वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के सुश्रुत छात्रावास में रहने वाले एक 26 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने खुद की जीवन लीला समाप्त कर ली है। मृतक डॉक्टर की पहचान ऋत्विक कुंडू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का निवासी था। इस घटना के सामने आने के बाद पूरे कैंपस और मेडिकल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

कमरा नहीं खुला तो मची खलबली

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऋत्विक कुंडू काफी समय तक न तो अपनी ड्यूटी पर पहुंचे और न ही उनकी कक्षाओं में उपस्थिति दर्ज हुई। जब उनके साथियों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो कोई जवाब नहीं मिला। चिंता बढ़ने पर उनके दोस्त सुश्रुत छात्रावास स्थित उनके कमरा नंबर 361 में पहुंचे। वहां दरवाजा अंदर से बंद था और काफी आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई आहट नहीं हुई। इसके बाद साथियों ने तुरंत बीएचयू प्रशासन को मामले की सूचना दी। बीएचयू की प्रॉक्टोरियल टीम और स्थानीय लंका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जब अधिकारियों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य देख सभी दंग रह गए।

एनेस्थीसिया के ओवरडोज की आशंका

कमरे के अंदर ऋत्विक अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में पाए गए। उनके हाथ में एक ड्रिप लगी हुई थी, जिसके जरिए उन्होंने एनेस्थीसिया से जुड़ी दवा अपनी नसों में डाली थी। प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि एनेस्थीसिया की अत्यधिक मात्रा (ओवरडोज) लेने के कारण उनकी मौत हुई है। हालांकि, मौत की वास्तविक और वैज्ञानिक वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।

सुसाइड नोट में मांगी माफी

पुलिस को तलाशी के दौरान मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस पत्र में ऋत्विक ने अपने माता-पिता और दोस्तों से माफी मांगी है। उन्होंने विशेष रूप से यह लिखा है कि उनकी मौत के लिए उनकी गर्लफ्रेंड या परिवार के किसी भी सदस्य को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। इस नोट को पुलिस ने साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। लंका पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना के पीछे की स्पष्ट परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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