गिरिजा देवी, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसी काशी की विभूतियों के नाम बनेंगे म्यूजियम, नगर निगम ने तैयार किया खाका उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 17
वाराणसी नगर निगम ने शहर की भारत रत्न और पद्मविभूषण हस्तियों के घरों में उनके नाम पर म्यूजियम बनाने की योजना बनाई है, जिस पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

देश की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली काशी में संगीत और नृत्य समेत कला की कई विधाओं ने जन्म लिया है। यहां की कई हस्तियों ने अपने हुनर से न सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया में शहर का नाम रोशन किया। अब इन्हीं नामचीन विभूतियों की स्मृति को संजोने के लिए वाराणसी में म्यूजियम बनाए जाएंगे, जिसका पूरा खाका नगर निगम ने तैयार कर लिया है।

किन हस्तियों के नाम पर बनेंगे म्यूजियम

वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि काशी में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पद्मविभूषण गिरिजा देवी और सुप्रसिद्ध गायक पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र समेत कई दिग्गज हस्तियां रही हैं। इन हस्तियों से जुड़ी कई अनमोल चीजें आज भी उनके घरों में मौजूद हैं। इन तमाम वस्तुओं को संरक्षित कर उनके घर के ही एक कमरे में सहेजा और सजाया जाएगा।

30 करोड़ रुपये होंगे खर्च

योजना के तहत इन महान विभूतियों के घर का एक कमरा उनके नाम पर म्यूजियम के रूप में विकसित किया जाएगा। महापौर के मुताबिक इस पूरे काम पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि इन हस्तियों के घरों तक जाने वाले मार्गों का भी नगर निगम सुंदरीकरण कराएगा, ताकि संगीत प्रेमी आसानी से वहां तक पहुंच सकें।

इन रास्तों को इस तरह सजाया जाएगा कि लोग इन हस्तियों के बारे में बेहतर ढंग से जान और समझ सकें। ये गलियां विश्वस्तरीय बनाई जाएंगी, जहां खूबसूरत वॉल पेंटिंग्स और रोशनी की व्यवस्था भी की जाएगी।

परिवारों से जारी है बातचीत

महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि इन सभी महान हस्तियों के परिजनों से अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और उनके घर के एक कमरे को म्यूजियम के रूप में विकसित करने को लेकर चर्चा चल रही है। जैसे-जैसे परिवार की ओर से सहमति मिलती जाएगी, वैसे-वैसे इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा।

पद्म गली में बसती है संगीत परंपरा

उल्लेखनीय है कि भारत रत्न, पद्मविभूषण और पद्मभूषण जैसे सम्मान पाने वाली सबसे अधिक विभूतियां वाराणसी से ही जुड़ी रही हैं। शहर के कबीरचौरा क्षेत्र में इसके लिए बाकायदा पद्म गली भी बनाई गई है, जहां बनारस संगीत घराने की कई नामचीन हस्तियां रहती थीं।

आज भी इन गलियों के कई घरों में संगीत का मानो विश्वविद्यालय चलता है। अलग-अलग घरों में अलग-अलग विधाएं सिखाई जाती हैं और गुरु-शिष्य परंपरा का अनूठा संगम यहां देखने को मिलता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप