बिहार
7 घंटे पहले
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बिदुपुर में मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात
बिहार के वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला मधुरापुर गांव के वार्ड संख्या 6 का है। यहां एक घर के अंदर का मंजर देखकर पुलिस और ग्रामीण भी दंग रह गए। एक तरफ बिस्तर पर 22 साल की आशा देवी का निर्जीव शरीर पड़ा था, जिसे किसी कठोर वस्तु से पीट-पीटकर मार डाला गया था, वहीं दूसरी तरफ उसकी 5 साल की बेटी अंशिका कुमारी अनजान बनकर खेल में मग्न थी।
मां के शव को ही समझ लिया नींद
अंशिका को इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि उसकी मां के साथ क्या अनहोनी हो चुकी है। बच्ची के लिए उसकी मां का बिस्तर पर लेटे होना एक सामान्य बात थी। वह मासूम इस गलतफहमी में थी कि उसकी मां अभी गहरी नींद में है और कुछ देर में जाग जाएगी। यही वजह है कि वह अपनी दुनिया में खोई हुई थी और मां के शव के पास ही खिलौनों के साथ वक्त बिता रही थी। घर का बाकी सन्नाटा उसे डरा नहीं रहा था क्योंकि वह अपनी मां की मौजूदगी के एहसास में थी, जबकि हकीकत में वह एक लाश के बगल में अकेली रह गई थी।
मायके वालों को मिली खबर
इस खौफनाक वारदात का खुलासा तब हुआ जब मृतका के मायके वालों को किसी परिचित ने सूचना दी। रविवार की सुबह जैसे ही यह दुखद संदेश पहुंचा, परिजन बदहवास होकर मधुरापुर स्थित ससुराल पहुंचे। वहां पहुंचकर जो नजारा उन्होंने देखा, वह किसी भी इंसान का कलेजा चीरने के लिए काफी था। घर का दरवाजा खुला हुआ था और भीतर का सन्नाटा भयावह था। आशा देवी के पिता गणेश पासवान ने रोते हुए बताया कि जब वे वहां पहुंचे तो घर पर कोई नहीं था। सुजीत पासवान और उसके परिवार के अन्य सदस्य मौके से फरार हो चुके थे। आंगन में उनकी नातिन अंशिका अकेले गुड्डे-गुड़ियों से खेल रही थी और अपनी मां को आवाजें देकर जगाने की कोशिश कर रही थी।
शादी, बच्चों का विवाद और हत्या की पटकथा
मृतका की पहचान आशा देवी के रूप में हुई है, जो मूलतः राघोपुर के जुरावनपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव के वार्ड 12 की रहने वाली थी। करीब ढाई साल पहले उसने बिदुपुर के मधुरापुर निवासी सुजीत पासवान के साथ दूसरी शादी की थी। जानकारी के अनुसार, यह दोनों के लिए ही दूसरी शादी थी। सुजीत की पहली पत्नी की बीमारी के कारण मृत्यु हो चुकी थी, जिससे उसके दो बच्चे थे। वहीं, आशा के पहले पति का भी निधन हो चुका था और अंशिका उसी से पैदा हुई थी। परिजनों का गंभीर आरोप है कि शादी के बाद से ही घर में बच्चों को लेकर आए दिन कलह होती रहती थी। इसी विवाद ने शनिवार की रात उग्र रूप ले लिया और सुजीत पासवान ने डंडे से पीट-पीटकर अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
सूचना पाकर बिदुपुर थानाध्यक्ष रवि प्रकाश पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक जांच दल यानी FSL टीम को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि साक्ष्यों को जुटाया जा सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी पति सुजीत पासवान और उसके परिवार वालों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है। गांव के लोग इस घटना के बाद से स्तब्ध हैं और पूरे इलाके में आरोपी के प्रति भारी आक्रोश है।
अंशिका का भविष्य बना सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और संवेदनशील सवाल उस मासूम अंशिका का है, जिसने अपनी आंखों के सामने अपनी मां को खो दिया। वह अभी इतनी छोटी है कि शायद उसे मृत्यु का अर्थ भी पूरी तरह से नहीं पता है। एक छोटी सी बच्ची के लिए यह सदमा कितना गहरा होगा, इसकी कल्पना करना भी कठिन है। फिलहाल पुलिस प्रशासन मामले की गुत्थी सुलझाने में लगा है, लेकिन अंशिका के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दर्द और अकेलापन अब उसकी वास्तविकता बन चुका है। पुलिस का कहना है कि वे बच्ची के पुनर्वास और परिवार के अन्य सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।
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