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एक घंटा पहले
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वैभव सूर्यवंशी का बल्ला एक बार फिर ठंडा साबित हुआ। उन्होंने तेवर तो आक्रामक दिखाए, लेकिन पारी बेहद छोटी रही। उन्हें आउट करने वाले अफगानिस्तान के गेंदबाज ने मैदान पर वैभव की ओर शांत रहने का इशारा किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। इस सीरीज में अब तक वैभव चार मुकाबले खेल चुके हैं, मगर एक बार भी 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए हैं। टी20 क्रिकेट में जिस अंदाज में उनका बल्ला बोलता है, वनडे में वैसी रफ्तार और निरंतरता देखने को नहीं मिल रही।
इस बार प्रियांश आर्या के साथ संभाली पारी की शुरुआत
इस समय श्रीलंका में ट्राई नेशन सीरीज खेली जा रही है, जिसमें भारत और मेजबान श्रीलंका के अलावा तीसरी टीम अफगानिस्तान की है। ये सभी मुकाबले ए टीमों के बीच हो रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ ताजा मैच में भी भारत को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिला। सलामी जोड़ी के तौर पर प्रियांश आर्या और वैभव सूर्यवंशी क्रीज पर उतरे। एक छोर पर जहां प्रियांश ने आक्रामक रवैया अपनाया, वहीं दूसरी ओर वैभव शुरुआत में संभलकर खेलने की कोशिश करते दिखे। हालांकि वे ज्यादा देर धीमे नहीं रह सके और कुछ ही पलों बाद टी20 वाले अंदाज में जुट गए। इस बीच उन्हें दो जीवनदान भी हासिल हुए।
28 गेंद पर सिमट गई वैभव की 38 रन की पारी
जीवनदान मिलने के बावजूद वैभव की पारी लंबी नहीं खिंच सकी। उन्होंने 28 गेंद पर 38 रन की छोटी पारी खेली, जिसमें चार चौके और दो छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 135.71 रहा, जो उनके अपने पैमाने के हिसाब से कुछ कम माना जाएगा। दूसरे छोर पर प्रियांश लगातार बेहतरीन बल्लेबाजी करते रहे और जल्द ही अपना अर्धशतक भी पूरा कर लिया। जब वैभव के रूप में भारत का पहला विकेट गिरा, उस वक्त आठवें ओवर में टीम का स्कोर 75 रन था। प्रियांश ने महज 34 गेंद पर अपना अर्धशतक जड़ा।
पूरी सीरीज में नहीं आई कोई बड़ी पारी
इस ट्राई सीरीज में वैभव का बल्ला लगभग पूरी तरह खामोश रहा है। वे तेज रन तो बटोर रहे हैं, लेकिन वनडे प्रारूप में जिस बड़ी और लंबी पारी की दरकार होती है, उसमें वे लगातार नाकाम साबित हुए हैं। सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 12 गेंद पर सिर्फ 14 रन बनाए। दूसरे मैच में अफगानिस्तान के सामने उन्होंने 22 गेंद पर 44 रन ठोके, जो इस सीरीज में उनकी सबसे बड़ी पारी रही। तीसरे मुकाबले में एक बार फिर श्रीलंका से सामना हुआ और वे 14 गेंद पर केवल 21 रन ही जुटा सके। अब चौथे मैच में भी 38 रन बनाकर वे पवेलियन लौट गए।
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