US Iran War: ट्रंप का दावा- 'जल्द खुलेगा होर्मुज', ईरान बोला- जल्दबाजी में फैसला मत लेना विश्व एक महीने पहले 26
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि समझौते पर हस्ताक्षर के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खुल जाएगा, जबकि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने चेतावनी दी कि जल्दबाजी में लिया गया फैसला कभी न खत्म होने वाली मुश्किल पैदा कर सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोल दिया जाएगा। उनका कहना है कि संभवत: सप्ताहांत में यूरोप में होने वाले हस्ताक्षर समारोह में वह खुद शामिल नहीं हो पाएंगे, लेकिन वेंस, कुशनर और विटकॉफ इसमें मौजूद रह सकते हैं। ट्रंप के इस बयान पर ईरानी संसद के स्पीकर और वार्ताकार मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने पलटवार करते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका 'जल्दबाजी में' फैसले लेता है तो 'कभी न खत्म होने वाली मुश्किल स्थिति' खड़ी हो सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप का बयान

ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के तौर पर उन्होंने ईरान के खिलाफ तय हमले और बमबारी रद्द कर दी है। उनके मुताबिक ईरान के साथ बातचीत में शामिल सभी पक्षों ने इसे मंजूरी दे दी है, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल, सऊदी अरब, UAE, कतर, तुर्की, पाकिस्तान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, मिस्र और कई अन्य देश शामिल हैं।

ट्रंप ने साफ किया कि जब तक यह समझौता पूरी तरह तय नहीं हो जाता, तब तक नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी और यह ट्रांजैक्शन पूरा होने तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर करने का समय और जगह जल्द ही बता दी जाएगी। एक टेली-रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है।

युद्ध को लेकर ट्रंप ने क्या-क्या कहा

  • ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता कि आपने सुना या नहीं, लेकिन हमने आज (गुरुवार) ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है, और वे कभी भी परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो गए हैं - जिस बात पर हमने जोर दिया था। यही मुख्य मकसद था।"
  • उन्होंने कहा कि शेयर बाजार को "यह समझौता पसंद है" और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर होंगे। ट्रंप के मुताबिक समझौता फाइनल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा।
  • ट्रंप ने कहा, "यह एक बहुत मजबूत समझौता ज्ञापन (MoU) है। यह थोड़ा सैद्धांतिक है, लेकिन यह काम पूरा होकर रहेगा।" उन्होंने इसे "बहुत विस्तृत समझौता ज्ञापन" बताया।
  • उन्होंने दावा किया कि ईरान ने परमाणु हथियार हासिल करने की किसी भी कोशिश को हमेशा के लिए छोड़ने का वादा किया है।
  • ट्रंप ने कहा, "वे किसी भी तरह से परमाणु हथियार नहीं खरीदेंगे और न ही विकसित करेंगे। उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे।"
  • ईरान के समझौते पर सहमत होने से जुड़े एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, "उन्होंने ऐसी मार झेली है जैसी बहुत कम लोग झेल पाते हैं - और वे मुझसे भी कहीं ज्यादा यह समझौता करना चाहते हैं।"

हमले की धमकी और फिर यू-टर्न

गुरुवार सुबह ट्रंप ने ईरान पर "बहुत जोरदार" हमला करने और ईरान के तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने की धमकी दी थी। हालांकि कुछ ही घंटों बाद उन्होंने शांति बातचीत में प्रगति का हवाला देते हुए अचानक ये हमले रद्द कर दिए।

वीकेंड पर ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर को लेकर ट्रंप की यह टिप्पणी एक ऐसे कार्यक्रम के दौरान आई, जिसमें उन्होंने प्रशांत महासागर के संरक्षित इलाकों में कमर्शियल फिशिंग दोबारा शुरू करने की घोषणा की। पिछले कुछ हफ्तों में ट्रंप बार-बार कह चुके हैं कि अमेरिका और ईरान एक समझौते के करीब हैं, लेकिन अब तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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