यूपी के हर मेडिकल और डेंटल कॉलेज में बनेगी 'धर्मांतरण रोकथाम सेल', राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का सख्त निर्देश उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 18
केजीएमयू और एसजीपीजीआई में सामने आए कथित धर्मांतरण के मामलों के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में विशेष धर्मांतरण रोकथाम सेल गठित करने का आदेश दिया है।

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण की घटनाओं पर लगाम कसने के लिए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कड़ा रुख अपनाया है। कुलाधिपति के रूप में उन्होंने प्रदेश के सभी मेडिकल संस्थानों में धर्मांतरण रोकने के मकसद से एक विशेष सेल गठित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

केजीएमयू और एसजीपीजीआई के मामलों ने बढ़ाई चिंता

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) और संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) में हाल ही में सामने आए कथित धर्मांतरण के प्रकरणों को राज्यपाल ने गंभीरता से लिया है, और इन्हीं के मद्देनजर यह अहम फैसला लिया गया है।

तत्काल कार्रवाई और जागरूकता पर जोर

राज्यपाल के निर्देश के अनुसार छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखने, शैक्षणिक परिसर में सुरक्षित और स्वस्थ माहौल सुनिश्चित करने तथा मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत नियमानुसार कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

निगरानी व्यवस्था होगी और मजबूत

निर्देश में नियमों, अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी देना भी शामिल किया गया है। राज्यपाल के आदेश के बाद प्रदेश भर के मेडिकल संस्थानों में निगरानी तंत्र को और कड़ा करने की तैयारी तेज हो गई है।

लखनऊ के केजीएमयू में सामने आया था प्रकरण

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में दिसंबर 2025 में धर्मांतरण का मामला उजागर हुआ था। विश्वविद्यालय के पैथोलॉजी विभाग में कार्यरत एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने 23 दिसंबर 2025 को लखनऊ के चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

जबरन धर्म बदलवाने के दबाव का आरोप

पीड़िता ने अपने सहयोगी डॉक्टर रमीज़ुद्दीन नायक (उर्फ रमीज मलिक) पर आरोप लगाया कि उसने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, निजी वीडियो और फोटो के जरिए ब्लैकमेल किया, गर्भपात कराया और जबरन इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। पीड़िता के मुताबिक आरोपी पहले से शादीशुदा था और इससे पहले भी वह एक महिला का धर्मांतरण करवाकर शादी कर चुका था।

सभी कॉलेजों में सख्ती से लागू होगा आदेश

इस घटना के बाद राज्य सरकार सतर्क हो गई और पुलिस टीम ने मामले में कार्रवाई की। अब राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राज्य के अन्य मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में ऐसी स्थिति न बनने देने के लिए धर्मांतरण रोकथाम सेल गठित करने का आदेश दिया है। इसे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में सख्ती के साथ लागू कराया जाएगा।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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