महाकाल भस्म आरती लाइव: तड़के बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन और भस्म श्रृंगार का भव्य नजारा मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में 15 जून 2026 को भस्म आरती और श्रृंगार दर्शन का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। साथ ही रुद्रसागर किनारे चलने वाले लेजर लाइट एंड साउंड शो के लिए अब प्रति व्यक्ति 100 रुपये शुल्क लागू कर दिया गया है।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार, 15 जून 2026 को बाबा महाकाल की भस्म आरती और श्रृंगार दर्शन का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और हर भक्त ने बाबा के दर्शन कर आस्था और भक्ति की गहरी अनुभूति की।

भस्म आरती के दौरान पूरे मंदिर में दिव्य और भक्तिमय वातावरण छाया रहा। चारों ओर ‘जय महाकाल’ और ‘हर हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे। श्रृंगार दर्शन ने वहां मौजूद हर श्रद्धालु को भगवान श्री महाकालेश्वर की दिव्य छवि के बेहद करीब पहुंचने का अनोखा अवसर दिया। भक्तों ने बाबा महाकाल का प्रसाद ग्रहण किया और अपने जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना की।

भस्म श्रृंगार की परंपरा

श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक बाबा महाकाल की कई आरतियां की जाती हैं। तड़के बाबा महाकाल का भस्म से श्रृंगार किया जाता है। इस विशेष भस्म आरती के दर्शन के लिए देश ही नहीं, विदेश से भी श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

लेजर शो के लिए अब देना होगा शुल्क

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी सुविधाओं के लिए अब श्रद्धालुओं को एक और शुल्क चुकाना होगा। मंदिर परिसर में रुद्रसागर के किनारे चलने वाले लेजर लाइट एंड साउंड शो के लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने प्रति व्यक्ति 100 रुपये प्रवेश शुल्क तय किया है।

करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस आधुनिक लेजर शो की शुरुआत पिछले साल दीवाली पर हुई थी। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था।

लेजर लाइट एंड साउंड शो की खासियत

इस शो में वॉटर स्क्रीन, फाउंटेन और अत्याधुनिक लेजर तकनीक के जरिए बाबा महाकाल, पवित्र शिप्रा नदी और प्राचीन अवंतिका नगरी की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को जीवंत रूप में दर्शाया जाता है।

मंदिर प्रबंधन समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, इस शो के संचालन और रखरखाव पर हर महीने करीब डेढ़ लाख रुपये का खर्च आता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने दर्शकों से नाममात्र शुल्क लेने का निर्णय लिया है। फिलहाल हर दिन करीब 500 श्रद्धालु इस शो को देखने पहुंच रहे हैं।

अलग-अलग सेवाओं के लिए तय हैं शुल्क

महाकाल मंदिर में पहले से ही विभिन्न सेवाओं के लिए शुल्क आधारित व्यवस्थाएं लागू हैं। भस्म आरती में ऑनलाइन प्रवेश के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाता है। वहीं संध्या और शयन आरती के दर्शन के लिए हर श्रद्धालु से 250 रुपये लिए जाते हैं, जबकि शीघ्र दर्शन सुविधा के लिए भी 250 रुपये का शुल्क निर्धारित है।

अब लेजर लाइट एंड साउंड शो के लिए 100 रुपये का शुल्क लागू होने के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर आने वाले भक्तों को धार्मिक और दर्शनीय सुविधाओं के लिए कुछ अतिरिक्त खर्च करना होगा।

आधुनिक सुविधाओं का बढ़ता दायरा

मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का मकसद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और सेवाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। बाबा महाकाल के मंदिर में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी वजह से शुल्क आधारित सेवाओं का दायरा भी बढ़ता जा रहा है, जिससे दर्शन के साथ विशेष सुविधाओं का लाभ उठाने वाले भक्तों के खर्च में भी इजाफा होगा।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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