महाराष्ट्र
एक घंटा पहले
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विचारों
उद्धव ठाकरे का तीखा प्रहार
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के नेता उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान को लेकर उन पर जमकर निशाना साधा है। दरअसल, प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों को कोर्ट में नहीं ले जाना चाहते और उन 'गुमराह बच्चों' को माफ कर रहे हैं। इस पर पलटवार करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री को माफ करने की नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों से माफी मांगने की आवश्यकता है जिनके साथ गलत हुआ है।
विद्यार्थियों पर हुए अत्याचार का जिक्र
उद्धव ठाकरे ने गृहमंत्री अमित शाह को भी अपने निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों को विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से माफी मांगनी चाहिए। ठाकरे ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उन पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के साथ पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की और उनके कपड़े तक फाड़े गए। उन्होंने उन बच्चों का भी उल्लेख किया जिन्होंने आत्महत्या की और कहा कि प्रधानमंत्री को सबसे पहले उन बच्चों के माता-पिता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाषा की गरिमा पर चर्चा जरूर होनी चाहिए, लेकिन यह भी देखा जाना चाहिए कि इस कटुता की शुरुआत किसने की थी।
रिया अहीर और ट्रोलिंग का मुद्दा
अपनी बात रखते हुए उद्धव ठाकरे ने मुंबई की रिया अहीर का जिक्र किया, जिन्होंने अपनी बहादुरी का परिचय दिया था। ठाकरे ने आरोप लगाया कि रिया को भी सोशल मीडिया पर गलत तरीके से ट्रोल किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री को सलाह दी कि उन्हें अपने आस-पास काम करने वाले लोगों से यह जानकारी लेनी चाहिए कि देश में असल में क्या चल रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री को अहंकार छोड़कर बच्चों से माफी मांगनी चाहिए।
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने भी कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री का 'माफ करने' वाला बयान देश के युवाओं का अपमान है। कांग्रेस के अनुसार, अब प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं लोगों को गुमराह करने में विफल रहेंगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद को पीड़ित दिखाकर विक्टिम कार्ड खेल रहे हैं, जबकि वास्तव में पूरा देश उनसे उन विद्यार्थियों के साथ हुई बर्बरता के लिए माफी का इंतजार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार रात एक वीडियो संदेश में कहा था कि उन्हें इस बात का गहरा दुख है कि जंतर-मंतर पर उनके और उनकी दिवंगत मां के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
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