राजस्थान
एक घंटा पहले
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राजस्थान के उदयपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां वल्लभनगर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला और उनकी बेटी की उनके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 10 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को धर दबोचा है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है।
घर के भीतर लहूलुहान मिले मां-बेटी के शव
मृतकों की पहचान 74 वर्षीय लूंगा बाई और उनकी बेटी अमरीबाई गाडरी के रूप में की गई है। दोनों महिलाओं के शव उनके अपने ही घर के भीतर खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। घटना की जानकारी मिलते ही वल्लभनगर थाना प्रभारी पूनाराम गुर्जर अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी के अनुसार, दोनों महिलाओं की गर्दन पर किसी बेहद धारदार हथियार से वार किए जाने के गहरे निशान पाए गए हैं।
घर की पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी मिली है कि अमरीबाई के पति का करीब 7 वर्ष पहले देहांत हो गया था। पति की मौत के बाद वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ उनके घर पर ही रह रही थीं और उनकी देखभाल कर रही थीं। यह परिवार मुख्य रूप से खेती-बाड़ी करके अपना जीवन यापन करता था। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने लूटपाट की आशंका भी जताई है। परिजनों का आरोप है कि मृतकाओं के शरीर पर मौजूद सोने-कांस्य के आभूषण, घर में रखी नकदी और अन्य कीमती सामान भी गायब हैं।
7 मिनट के भीतर मौके पर पहुंची पुलिस टीम
इस खौफनाक वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग तुरंत एक्शन में आ गया। उदयपुर की पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने मामले की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वल्लभनगर पुलिस थाना क्षेत्र में जैसे ही इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिली, पुलिस की विशेष टीम महज 7 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और आरोपी की तलाश के लिए तुरंत कई टीमों का गठन किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि मृतका लूंगा बाई (उम्र 75 साल) और उनकी मानसिक रूप से कमजोर बेटी अमरीबाई गाडरी पिछले करीब तीन-चार साल से इस घर में अकेली रह रही थीं। महिलाओं के अकेलेपन का फायदा उठाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया।
पैसों के लेनदेन के विवाद में रची गई हत्या की साजिश
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या का मुख्य आरोपी जैमिन दवे है, जिसका मृतका के साथ पैसों का बड़ा लेनदेन था। आरोपी को उम्मीद थी कि बुजुर्ग महिला इस वित्तीय मामले को सुलझा लेगी और पैसों का निपटारा कर देगी, लेकिन महिला ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर आरोपी ने दोनों की हत्या करने की खौफनाक साजिश रची।
साजिश के तहत आरोपी जैमिन दवे महिलाओं के घर पहुंचा। उसने बड़ी चालाकी से दोनों को पहले नींद की गोलियां दे दीं ताकि वे बेसुध हो जाएं। जब दोनों महिलाएं अचेत हो गईं, तो आरोपी ने धारदार हथियार से उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन ने इस पूरी कार्रवाई को पुलिस बल की एक बहुत बड़ी कामयाबी बताया है कि उन्होंने तकनीकी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर आरोपी को भागने का मौका दिए बिना 10 घंटे के अंदर ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
पुलिस जांच में सामने आए मुख्य बिंदु
- त्वरित एक्शन: वारदात की खबर मिलते ही पुलिस की विशेष टीम महज 7 मिनट में मौके पर पहुंच गई थी।
- अकेली रहती थीं महिलाएं: मृतका अमरीबाई के पति के निधन को 7 वर्ष हो चुके थे, जिसके बाद से वह अपनी बुजुर्ग मां की देखभाल के लिए साथ रह रही थीं।
- हत्या की मुख्य वजह: आरोपी जैमिन दवे और मृतका के बीच पैसों का भारी लेनदेन था, जिसे निपटाने से मना करने पर हत्या की गई।
- साजिश का तरीका: आरोपी ने पहले मां-बेटी को नींद की गोलियां देकर बेसुध किया और फिर सोते समय धारदार हथियार से हमला कर दिया।
- त्वरित गिरफ्तारी: पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात के 10 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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