सेप्टिक टैंक में जहरीली गैस से दम घुटने पर दो सगे भाइयों की जान गई, बचाने उतरा साथी भी गंभीर मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 3
बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र के परमंडल गांव में निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में उतरे दो भाइयों की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि उन्हें बचाने पहुंचा एक युवक भी बेहोश हो गया और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां एक सेप्टिक टैंक दो सगे भाइयों की जान ले गया। हादसे में दोनों भाइयों को बचाने के लिए टैंक में उतरा एक युवक भी गंभीर रूप से बीमार पड़ गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उसका उपचार चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर मुलताई थाना क्षेत्र के परमंडल गांव के भगत सिंह वार्ड में घटी।

निर्माण कार्य के दौरान टैंक में उतरे थे दोनों भाई

मुलताई थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी दी कि परमंडल निवासी ओमप्रकाश के मकान में सैप्टिक टैंक बनाने का काम चल रहा था। इस काम में डिवटिया गांव के रहने वाले विजय पंवार (38) और उनके छोटे भाई संजय पंवार (30) जुटे हुए थे। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम काम के दौरान संजय टैंक के भीतर उतरा, मगर लंबे समय तक बाहर नहीं निकला। उसकी तलाश में बड़ा भाई विजय भी टैंक में उतर गया, लेकिन वह भी वापस नहीं आया।

थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों के साथ काम कर रहे मुकेश परिहार (30) ने जब देखा कि दोनों भाई बाहर नहीं लौटे, तो वह भी टैंक के अंदर पहुंच गया। वहां उसने दोनों भाइयों को बेसुध हालत में पड़ा पाया। पुलिस के अनुसार मुकेश ने शोर मचाकर लोगों को बुलाया, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। इसी बीच जहरीली गैस के असर से मुकेश भी बेहोश हो गया।

चिकित्सकों ने दोनों भाइयों को मृत घोषित किया

घटना के बाद तीनों को मुलताई के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने संजय और विजय को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद मुकेश को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माणाधीन सैप्टिक टैंक को करीब एक माह बाद खोला गया था। आशंका जताई जा रही है कि टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों भाइयों की मौत हुई। जिला चिकित्सालय के अधिकारी गजेंद्र मीणा ने कहा कि मौत के असली कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि सेप्टिक टैंक से जुड़ा यह कोई पहला हादसा नहीं है, इससे पूर्व भी मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सामने आती रही हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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