मनोरंजन
एक घंटा पहले
3
विचारों
अगर आप टीवी धारावाहिक 'अनुपमा' को नियमित रूप से देखते हैं, तो 5 जून का एपिसोड आपके लिए ढेर सारी भावनाओं से भरा हुआ रहा। आज की कहानी पूरी तरह रिश्तों, उम्मीदों और दिल में चल रही उथल-पुथल के इर्द-गिर्द बुनी गई। एक ओर परिवार के बड़े-बुजुर्ग युवाओं को उनके मन की आवाज समझाने की कोशिश करते दिखे, तो दूसरी ओर राही का एक फैसला अब भी सबको सोच में डाले हुए है।
दिग्विजय ने प्रेरणा को दी हिम्मत
एपिसोड की शुरुआत दिग्विजय और प्रेरणा की बातचीत से होती है। दिग्विजय बेहद स्नेह के साथ प्रेरणा को समझाता है कि जीवन में उम्मीद का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। वह कहता है कि रिश्तों से घबराने के बजाय खुद पर भरोसा रखना जरूरी है। बातचीत के दौरान दिग्विजय यह भी कह देता है कि शायद भगवान ने अंश को प्रेरणा की जिंदगी में किसी खास मकसद से ही भेजा है।
अनुपमा ने अंश को सिखाया आगे बढ़ना
दूसरी तरफ, अनुपमा हमेशा की तरह एक समझदार मां की भूमिका निभाते हुए अंश के पास आकर बैठती है। वह उसे समझाती है कि जिंदगी में आगे बढ़ना बेहद जरूरी है और प्यार को एक और मौका देने में कोई बुराई नहीं है। थोड़ा उलझन में दिख रहा अंश अनुपमा से पूछता है कि अब उसे क्या करना चाहिए। इस पर अनुपमा उसे सलाह देती है कि वह बिना किसी डर के प्रेरणा से खुलकर बात करे और अपने दिल की आवाज को सुने।
दोस्ती या प्यार — किस ओर मुड़ेगा यह रिश्ता?
परिवार की बातचीत से यह साफ झलकता है कि दिग्विजय और अनुपमा दोनों चाहते हैं कि अंश और प्रेरणा आपस में खुलकर बात करें। दिग्विजय प्रेरणा से यह भी कहता है कि वह अंश से सीधे पूछ ले कि उनके बीच केवल दोस्ती है या इससे बढ़कर कोई एहसास भी है। दोनों परिवारों को लगता है कि अंश और प्रेरणा एक-दूसरे के लिए बेहद उपयुक्त हैं और उनकी दोस्ती अब प्यार में बदल सकती है।
राही के फैसले ने बढ़ाई उलझन
भले ही आज के पूरे एपिसोड में अंश और प्रेरणा की कहानी छाई रही, लेकिन दर्शकों के मन में एक सवाल अब भी बना हुआ है। पिछले एपिसोड में राही ने प्रेम का साथ चुनने का फैसला किया था, पर क्या वह अपने इस निर्णय से सचमुच खुश है? या उसके मन में अब भी कोई कशमकश बाकी है? कहानी अब इसी मोड़ पर आगे बढ़ती नजर आ रही है।
आगे क्या होगा?
आने वाले दिनों में 'अनुपमा' में एक बड़ा ट्विस्ट देखने को मिल सकता है। यह देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या अंश और प्रेरणा एक-दूसरे से अपने दिल की बात कह पाएंगे, या दोस्ती के टूटने के डर से पीछे हट जाएंगे। इसके साथ ही राही और प्रेम के जीवन में आगे कौन-सी नई चुनौतियां आती हैं, इस पर भी सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।
Comments
0 comment