यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए, डोनाल्ड ट्रंप ने वोलोदिमिर जेलेंस्की पर साधा सीधा निशाना विश्व 9 घंटे पहले 2
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को लेकर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश को अब एक नए नेतृत्व की जरूरत है। साथ ही, रूस से भारी मात्रा में डीजल खरीदने के फैसले के कारण यूक्रेन में गहरा आक्रोश है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान और जेलेंस्की पर प्रहार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की कार्यशैली पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि अब यूक्रेन की जनता को एक ऐसा नया नेता चुनना चाहिए जो रूस के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए कोई समझौता कर सके। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका सुझाव है कि यूक्रेन को किसी ऐसे व्यक्ति को सत्ता सौंपनी चाहिए जो शांति के लिए ठोस कदम उठाने में सक्षम हो। ट्रंप ने आरोप लगाया कि किसी न किसी वजह से जेलेंस्की समझौता करने में पूरी तरह विफल रहे हैं।

ट्रंप ने अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि अगर वह साल 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यह विनाशकारी रूस-यूक्रेन युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। उन्होंने इस स्थिति के पीछे की मुख्य वजह प्रशासनिक अक्षमता को करार दिया। ट्रंप के अनुसार, इस युद्ध को शुरू करने का कोई ठोस कारण नहीं था और यह केवल नेतृत्व की विफलता का परिणाम है।

यूक्रेन का 30 प्रतिशत हिस्सा खोने का दावा

जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने चिंताजनक आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि यूक्रेन अपने कुल भूभाग का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा पहले ही खो चुका है। ट्रंप ने इस युद्ध को ऐसा युद्ध बताया जो कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। उन्होंने मानवीय त्रासदी का हवाला देते हुए कहा कि इस संघर्ष में अब तक 20 लाख से अधिक लोगों की जानें जा चुकी हैं। ट्रंप की माने तो अब समय आ गया है कि यूक्रेन एक नई दिशा अपनाए और नए राष्ट्रपति के नेतृत्व में शांति की ओर कदम बढ़ाए।

रूस से डीजल आयात का फैसला और यूक्रेन का गुस्सा

एक तरफ जहां ट्रंप ने नेतृत्व परिवर्तन की वकालत की है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा रूस से लाखों टन डीजल खरीदने के ऐलान ने यूक्रेन को बेहद नाराज कर दिया है। यूक्रेन का मानना है कि इस सौदे से रूस को भारी वित्तीय लाभ होगा, जिसका इस्तेमाल वह युद्ध के लिए नए हथियार खरीदने और कीव के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को तेज करने में करेगा।

ट्रंप के डीजल समझौते के बाद, शनिवार को यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र में रूसी सेना ने भीषण हवाई हमले किए। इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की दुखद मौत हो गई। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रूसी बमों ने रिहायशी इमारतों को अपना निशाना बनाया। इस घटना में तीन बच्चों सहित कुल 20 लोगों की जान गई, जबकि 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अतिरिक्त, राजधानी कीव में भी दिन के समय मिसाइल हमले हुए, जिसमें 4 लोग घायल हुए हैं।

जेलेंस्की की सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रूस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने लिखा कि रूस ने डीजल निर्यात पर प्रतिबंध हटाने के फैसले के लिए बमों की बौछार से धन्यवाद दिया है। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने जापोरिज्जिया की रिहायशी इमारतों पर 5 ग्लाइड बम गिराए। उन्होंने आगे कहा कि इन हमलों से यह साबित हो गया है कि रूस प्रतिबंधों में दी गई किसी भी ढील को युद्ध जारी रखने और आम नागरिकों को निशाना बनाने की खुली अनुमति के रूप में देखता है।

अमेरिका कितना डीजल खरीदेगा?

शुक्रवार को घोषित इस समझौते के तहत रूस के खिलाफ अपनाई गई पुरानी अमेरिकी नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। ट्रंप ने इसे अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और मध्यावधि चुनावों से पहले राहत देने की एक कोशिश बताया है। समझौते के आंकड़ों के अनुसार:

  • रूस तुरंत 3 लाख टन से अधिक डीजल की आपूर्ति करेगा।
  • इसके बाद नवंबर महीने में 5 लाख टन डीजल भेजा जाएगा।
  • उसके तुरंत बाद 10 लाख टन डीजल की सप्लाई की जाएगी।
  • निकट भविष्य में रूस अतिरिक्त 30 लाख टन डीजल भी उपलब्ध कराएगा।

कीव की सड़कों पर विरोध

इस फैसले के कारण यूक्रेन की राजधानी कीव में लोगों के बीच भारी गुस्सा देखा जा रहा है। कीव के इंडिपेंडेंस स्क्वायर पर मारे गए सैनिकों के स्मारक के समीप एकत्र हुए लोगों ने खुलेआम अपनी नाराजगी जाहिर की। वहां मौजूद 26 वर्षीय ओलेक्जेंडर पेट्रेंको ने कहा कि ट्रंप ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप को यूक्रेनी घरों की तबाही या लोगों की मौतों की कोई परवाह नहीं है, बल्कि उन्हें केवल तेल की कीमतों और अमेरिकी मतदाताओं की चिंता है। पेट्रेंको का कहना है कि ट्रंप आगामी चुनावों के मद्देनजर बाजार को नियंत्रित करना चाहते हैं और वे लंबे समय से पुतिन के साथ साठगांठ करके काम कर रहे हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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