विजयपुरा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: कर्नाटक में बनकर तैयार हो रहा नया हवाई अड्डा, जानिए क्या होता है 'ग्रीनफील्ड' और क्यों है यह खास व्यापार 2 घंटे पहले 9
कर्नाटक के विजयपुरा में 727 एकड़ भूमि पर शानदार ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में है, जानिए इस परियोजना की लागत, इसके लाभ और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की खासियतें।

देश में कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। चाहे वह सड़कों का जाल बिछाना हो, नई रेल परियोजनाएं शुरू करना हो या फिर हवाई संपर्क को मजबूत करना हो, बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी सिलसिले में कर्नाटक के विजयपुरा में एक भव्य ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण कार्य अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। विजयपुरा में बन रहे इस एयरपोर्ट का बुनियादी ढांचा लगभग पूरी तरह तैयार है और अब केवल अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

विजयपुरा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: लागत और देरी की वजह

यह महत्वपूर्ण हवाई अड्डा परियोजना कर्नाटक के विजयपुरा जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी कर्नाटक स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। हालांकि, यह परियोजना अपने निर्धारित समय से थोड़ा पीछे चल रही है। शुरुआती कार्ययोजना और विवरण के अनुसार, इस हवाई अड्डे को 2025 के अंत तक पूरी तरह तैयार हो जाना चाहिए था, लेकिन वर्तमान में यह परियोजना अपने समय से लगभग 2 साल पीछे चल रही है।

परियोजना में हो रही इस देरी की मुख्य वजह पर्यावरणीय मंजूरियां हैं। हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का काम लगभग समाप्त हो चुका है, और संबंधित विकास प्राधिकरण ने अब पर्यावरण मंत्रालय और सरकार के पास आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरियों के लिए आवेदन किया है। इस विशाल परियोजना को कुल 727 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। इस पूरे हवाई अड्डे के निर्माण पर कुल 619 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आने का अनुमान लगाया गया है। खास बात यह है कि इस हवाई अड्डे को केवल यात्री उड़ानों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर व्यावसायिक कार्गो (माल ढुलाई) सेवाओं के संचालन के लिए भी तैयार किया जा रहा है।

किसे कहते हैं ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और क्यों है यह अलग?

जब भी किसी नए हवाई अड्डे की बात होती है, तो 'ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट' शब्द अक्सर सुनने को मिलता है। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि सामान्य हवाई अड्डे और ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे में क्या अंतर होता है। सरल शब्दों में कहें तो ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उन हवाई अड्डों को कहा जाता है जिन्हें बिल्कुल नए सिरे से यानी शून्य से विकसित किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि उस स्थान पर पहले से कोई भी हवाई पट्टी या पुराना विमानतल मौजूद नहीं था।

विजयपुरा में भी सरकार ने इसी तर्ज पर काम किया है। सरकार ने एक बिल्कुल खाली और अप्रयुक्त जमीन का अधिग्रहण किया और वहां शुरुआत से सभी जरूरी हवाई सुविधाएं विकसित कीं। इसमें आधुनिक रनवे, भव्य टर्मिनल, विमानों की आवाजाही के लिए टैक्सीवे, विमान खड़े करने के लिए ऐपरॉन, हवाई यातायात को नियंत्रित करने के लिए ATC (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) और अन्य सभी आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण नए सिरे से किया गया है। इसी पूरी प्रक्रिया के कारण इसे ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का नाम दिया गया है, ठीक उसी तरह जैसे पूरी तरह नए रास्तों पर बनने वाले राजमार्गों को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कहा जाता है।

देशभर में हवाई कनेक्टिविटी का महाअभियान

भारत सरकार देश के कोने-कोने को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रही है। देश में परिवहन के सभी माध्यमों, जैसे जमीन से हवा और रेल सेवाओं से लेकर नदियों में क्रूज चलाने तक, को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना है। इसी कड़ी में वर्तमान समय में पूरे भारत में कुल 20 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। विजयपुरा का यह हवाई अड्डा भी इसी राष्ट्रव्यापी विकास योजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आने वाले समय में क्षेत्र के आर्थिक और व्यावसायिक विकास को एक नई गति प्रदान करेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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