शक्ति स्क्वॉड: उज्जैन पुलिस का नया मिशन, नवरात्रि में महिलाओं की सुरक्षा का जिम्मा मध्य प्रदेश 6 घंटे पहले 14
नवरात्रि के मौके पर उज्जैन पुलिस ने महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'शक्ति स्क्वॉड' का गठन किया है, जो शहर भर में मुस्तैदी से तैनात रहेंगे।

उज्जैन में शक्ति स्क्वॉड का आगाज

शरद नवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन पुलिस ने महिला सुरक्षा को लेकर एक बेहद प्रभावी और अनूठी पहल की है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में शहर में 'शक्ति स्क्वॉड' का औपचारिक शुभारंभ किया गया है। इस अभियान का मुख्य मकसद त्योहारों के दौरान महिलाओं और लड़कियों को पूरी तरह से सुरक्षित वातावरण मुहैया कराना है, ताकि वे बिना किसी डर या चिंता के नवरात्रि और गरबा के कार्यक्रमों में शामिल हो सकें।

13 दल और एफआरवी की तैनाती

सुरक्षा के इंतजामों को पुख्ता करने के लिए उज्जैन प्रशासन ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस की टीमें मुस्तैदी से काम कर रही हैं। इस विशेष पहल के तहत कुल 13 शक्ति दलों को मैदान में उतारा गया है। इन दलों के पास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दोपहिया वाहन उपलब्ध हैं, जिन पर महिला पुलिसकर्मी गश्त करेंगी। इसके अतिरिक्त, 13 एफआरवी यानी Fiber Response Vehicles को भी तैनात किया गया है, जिनमें महिला अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगी। ये टीमें विशेष रूप से उन इलाकों में सक्रिय हैं जहां भीड़भाड़ ज्यादा होती है।

22 घंटे तक चलेगी निगरानी

शक्ति स्क्वॉड की कार्यप्रणाली बेहद सख्त और सक्रिय है। ये दल दिन के 22 घंटे लगातार अपनी ड्यूटी निभाएंगे। इनका संचालन समय सुबह 04:00 बजे से शुरू होकर रात्रि 02:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान पुलिस दल अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग करते रहेंगे। इनका प्राथमिक काम ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखना है जो महिलाओं को परेशान करने की कोशिश करते हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए ये दल पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेंगे।

सादे कपड़ों में पुलिस की पैनी नजर

नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, मंदिरों और बाजारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इस भीड़ का फायदा उठाने वाले मनचलों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पुलिस की टीमें न केवल वर्दी में बल्कि सादे कपड़ों में भी इन भीड़भाड़ वाले इलाकों और गरबा पंडालों में मौजूद रहेंगी। इससे छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार जैसी गतिविधियों पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा।

सुरक्षा ही पहली प्राथमिकता

पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि उज्जैन पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता महिलाओं और बालिकाओं को भयमुक्त और सम्मानजनक माहौल देना है। उनका कहना है कि इस स्क्वॉड की मौजूदगी से समाज में एक कड़ा संदेश जाएगा और महिलाएं सुरक्षित महसूस करेंगी। पुलिस का यह प्रयास है कि नवरात्रि के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में कोई भी बाधा न आए और हर कोई इन त्योहारों का उत्साह के साथ आनंद ले सके। यह कदम न केवल तात्कालिक सुरक्षा के लिए है, बल्कि महिलाओं के मन में पुलिस के प्रति भरोसे को भी मजबूत बनाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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