थप्पड़ का खौफनाक बदला, पेट्रोल डालकर दोस्तों को जिंदा जलाया, डिप्रेशन में गई चौथी जान क्राइम एक घंटा पहले 3
तिरुवनंतपुरम में एक मामूली विवाद ने पांच दोस्तों की जिंदगी खत्म कर दी, जहां एक युवक ने थप्पड़ का बदला लेने के लिए दोस्तों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस दर्दनाक घटना में अब तक हमलावर समेत कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है।

तिरुवनंतपुरम में दोस्ती का दर्दनाक अंत

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से करीब 21 किलोमीटर दूर वेम्बायम जंक्शन पर एक बार होटल के भीतर घटी एक घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है। एक मामूली सी अनबन ने पांच दोस्तों की जिंदगी को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल दिया। इस पूरे वाकये में 10 दिनों के भीतर कुल चार लोगों की दुखद मौत हो चुकी है। एक छोटी सी तकरार किस तरह भीषण हत्याकांड में बदल गई, इसकी कहानी जानकर हर कोई स्तब्ध है।

घटना की शुरुआत और विवाद

यह खौफनाक वारदात 19 जुलाई की रात करीब 9.30 बजे की है। उस समय वेम्बायम जंक्शन स्थित एक बार के एसी हॉल में नवाज, रियास, नौफाल, अरुण और रतीश नाम के पांच दोस्त साथ बैठकर शराब पी रहे थे। तभी रतीश का परिचित 32 वर्षीय अनीश वहां पहुंचा और उनके साथ शामिल हो गया। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत में तनाव बढ़ने लगा। बहस इतनी बढ़ गई कि नवाज ने आवेश में आकर अनीश के चेहरे पर थप्पड़ मार दिया। अपमानित महसूस करने के बाद अन्य दोस्तों ने अनीश को वहां से तुरंत बाहर निकाल दिया।

अनीश की साजिश और पेट्रोल अटैक

बार से निकाले जाने के बाद अनीश बुरी तरह बौखला गया था। उसने इस अपमान का बदला लेने की योजना बनाई और करीब आधे घंटे बाद वापस बार में लौटा। सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई फुटेज से पता चला है कि वह काफी ज्यादा नशे की हालत में था और पेट्रोल से भरा एक कैन लेकर आया था। नशे के कारण वह तीन बार जमीन पर भी गिरा, जिससे उसके अपने शरीर पर भी पेट्रोल फैल गया था। बार के अंदर प्रवेश करते ही फिर से हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान अनीश ने वह पेट्रोल सभी दोस्तों पर उड़ेल दिया और एक लाइटर की मदद से आग लगा दी। उस समय बार में करीब 30 लोग मौजूद थे, आग भड़कते ही पूरे हॉल में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की तरफ दौड़े।

चार लोगों की जान कैसे गई

इस अग्निकांड ने एक के बाद एक कई जिंदगियां लील लीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन मौत का सिलसिला नहीं थमा।

  • नवाज (35 वर्ष): आग में 80 प्रतिशत तक झुलस गए थे। इलाज के दौरान 20 जुलाई को गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
  • अनीश (32 वर्ष): खुद हमलावर अनीश भी आग में 70 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गया था। 22 जुलाई को उसने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।
  • रतीश (43 वर्ष): अपने दोस्तों को जलते हुए देखकर रतीश को गहरा मानसिक आघात लगा। वह गहरे डिप्रेशन में चला गया और 23 जुलाई को उसने अपने ही घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
  • नौफाल (34 वर्ष): इस घटना में 50 प्रतिशत से ज्यादा जलने वाले नौफाल ने लंबे संघर्ष के बाद 31 जुलाई को दम तोड़ दिया।

नौफाल का दर्द और मौत का कारण

नौफाल की मौत के पीछे की कहानी बेहद मार्मिक है। आग लगने के बाद वह भीषण दर्द से तड़प रहा था। दर्द बर्दाश्त न कर पाने के कारण वह अपनी बाइक से करीब 5 किलोमीटर दूर तक चला गया और पिरप्पनकोड मंदिर के तालाब में छलांग लगा दी। डॉक्टरों का मानना है कि वह काफी देर तक तालाब के गंदे पानी में रहा, जिससे उसके शरीर के जलने वाले हिस्सों में गंभीर संक्रमण फैल गया। जलने की वजह से उसके हाथ की नसें पूरी तरह डैमेज हो चुकी थीं, जिसके कारण संक्रमण ने उसे अंदर से कमजोर कर दिया और अंततः उसकी जान चली गई।

अन्य दोस्तों की स्थिति

इस भयानक अग्निकांड में शामिल अन्य दो दोस्तों की बात करें तो अरुण का अभी नेदुमंगड के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं, रियास भी इस घटना में शामिल था, लेकिन उसे आई चोटें ज्यादा गंभीर नहीं थीं। फिलहाल स्थानीय पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना के हर पहलू को खंगाला जा रहा है। एक छोटी सी बात पर शुरू हुआ विवाद किस कदर बर्बादी लेकर आया, यह पूरे शहर के लिए एक सबक की तरह है।

सान्वी राणा पाबना के क्राइम एवं राज्य रिपोर्टर हैं, जो अपराध और विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें कवर करते हैं। कानून-व्यवस्था, जांच और बड़ी आपराधिक घटनाओं की वे जिम्मेदार रिपोर्टिंग करते हैं। तथ्यों की पुष्टि और संवेदनशीलता उनके काम की पहचान हैं।

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