सिंगल होने के बाद आध्यात्म की ओर तमन्ना? ध्यान में रमकर किया 'स्पिरिचुअल डिटॉक्स', सिखा रहीं 'आर्ट ऑफ हीलिंग' जीवनशैली एक घंटा पहले 2
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने अपने मुंबई स्थित घर पर ईशा योग केंद्र की साध्वियों को बुलाकर 'लिंग भैरवी देवी पुण्य पूजा' करवाई और गुलाबी सिल्क साड़ी में ध्यान लगाते हुए उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

ग्लैमर की दुनिया से अध्यात्म की ओर

चकाचौंध, ग्लैमर और हमेशा कैमरों की चकाचौंध में रहने वाली अभिनेत्री तमन्ना भाटिया इन दिनों एक बिल्कुल नई वजह से चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर उनके ब्रेकअप और निजी जिंदगी को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, मगर इन सबके बीच अभिनेत्री ने अपने लिए एक बेहद शांत और आध्यात्मिक कोना तलाश लिया है। हाल ही में उन्होंने अपने मुंबई वाले घर पर ईशा योग केंद्र की साध्वियों को आमंत्रित कर 'लिंग भैरवी देवी पुण्य पूजा' का आयोजन कराया। इस पूजा के बाद उनका जो अनुभव सामने आया है, वह मानसिक शांति और भीतर से खुद को संभालने की चाह रखने वाले हर व्यक्ति के लिए एक सीख जैसा है।

गुलाबी सिल्क साड़ी में गहरी ध्यान मुद्रा

तमन्ना ने इस पूजा में पारंपरिक और बेहद आकर्षक गुलाबी सिल्क साड़ी पहनकर हिस्सा लिया। उनका यह अंदाज जितना दिव्य दिख रहा था, उनकी ध्यान मुद्रा उतनी ही गहरी थी। पूजा संपन्न होने और सभी लोगों के लौट जाने के बाद, जब मंत्रों की गूंज भी थम चुकी थी, तब भी अभिनेत्री मां लिंग भैरवी की प्रतिमा के पास ध्यान में डूबी बैठी रहीं। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर लिखा, "सब चले गए थे। मंत्र थम चुके थे। पूजा पूरी हो चुकी थी। फिर भी मैंने खुद को देवी के पास बैठे हुए पाया, मैं नहीं चाहती थी कि वह दिन खत्म हो।"

कुछ मिनटों का अनुष्ठान नहीं, गहरा अनुभव

अभिनेत्री का यह अनुभव बताता है कि जब इंसान किसी गहरी आध्यात्मिक प्रक्रिया से गुजरता है, तो वह महज कुछ मिनटों की रस्म बनकर नहीं रह जाती। तमन्ना ने महसूस किया कि पूजा समाप्त होने के बाद भी उस स्थान पर एक अद्भुत ऊर्जा और जीवंतता बनी हुई थी, जो हवा में तैरती रही और वहां से जाने का नाम नहीं ले रही थी। ब्रेकअप या निजी जीवन के तनाव से जूझ रही किसी भी महिला के लिए यह 'स्पिरिचुअल डिटॉक्स' का सबसे शानदार उदाहरण है, जहां बाहरी शोर को शांत कर इंसान अपने भीतर की शांति से जुड़ता है।

अपनों के साथ मिलकर हील होने की कला

इस खास दिन को तमन्ना ने अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ बिताया। उनका मानना है कि जब घर में कोई आध्यात्मिक प्रक्रिया शुरू होती है, तो वह केवल आयोजन करने वाले को ही नहीं, बल्कि उस घर में कदम रखने वाले हर व्यक्ति को छू जाती है। यह जिंदगी की भागदौड़ में कुछ देर ठहरने, अपनों से जुड़ने और जीवन को थोड़ी और गहराई से महसूस करने का मौका देती है। आज की आधुनिक जीवनशैली में जहां लोग तनाव में अकेले पड़ जाते हैं, वहां अभिनेत्री का यह नजरिया अपनों के साथ मिलकर हील होने की कला सिखाता है।

साध्वियों के प्रति आभार

तमन्ना ने ईशा योग केंद्र की उन साध्वियों के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई, जिन्होंने पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ इस अनुष्ठान को संपन्न कराया। अभिनेत्री ने कहा कि जो लोग इतनी खुशी और समर्पण के साथ सेवा करते हैं, उनके भीतर एक अलग ही गर्मजोशी होती है, जो पूरे माहौल को बदल देती है। यही कारण है कि जब देवी घर में आती हैं, तो वह सिर्फ किसी एक कमरे में प्रवेश नहीं करतीं, बल्कि अपने आसपास के पूरे वातावरण को सकारात्मकता से भर देती हैं।

पूजा से जुड़ा एक कुदरती चमत्कार

दिलचस्प बात यह रही कि इस आध्यात्मिक अनुभव के साथ एक प्राकृतिक चमत्कार भी जुड़ गया। पिछले कई दिनों से मुंबई में असहनीय गर्मी पड़ रही थी और तमन्ना के मन में यह चिंता थी कि इस उमस और तपिश में मेहमान और परिवार के लोग इतनी लंबी पूजा में कैसे बैठेंगे। सब कुछ आरामदायक कैसे रहेगा, यही सवाल उनके मन में घूम रहा था। मगर जैसे ही पूजा वाले दिन की सुबह हुई, कुछ ऐसा घटित हुआ जिसने अभिनेत्री को हैरान कर दिया।

बारिश की बूंदों के साथ बदला नजारा

सुबह तड़के जब तमन्ना की आंख खुली और उन्होंने खिड़की के बाहर झांका, तो दृश्य पूरी तरह बदल चुका था। तेज हवाएं चल रही थीं, पेड़ झूम रहे थे और फूल बारिश की बूंदों से भीगे हुए थे। कई दिनों से मुंबई पर छाई उमस और गर्मी एक झटके में गायब हो चुकी थी। उस ठंडी और अप्रत्याशित सुबह को खिड़की से निहारते हुए अभिनेत्री को लगा कि पूजा का पहला दीया जलने से बहुत पहले ही कुछ बेहद सुंदर और दिव्य शुरू हो चुका था।

पूजा तो इसके कई घंटों बाद आरंभ हुई, लेकिन तमन्ना के लिए वह एहसास पहले ही दस्तक दे चुका था। अपनी भावनाएं बेहद खूबसूरती से व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो देवी पूजा से पहले ही बारिश की बूंदों के साथ उनके घर में प्रवेश कर चुकी थीं। प्रकृति का यह साथ उनके इस स्पिरिचुअल डिटॉक्स को और भी जादुई बना गया, जिसने उनके मन के साथ-साथ उनके परिवेश को भी शांति से भर दिया।

नई पीढ़ी के लिए 'आर्ट ऑफ हीलिंग' का संदेश

तमन्ना भाटिया की यह कहानी आज की पीढ़ी को 'आर्ट ऑफ हीलिंग' यानी खुद को संभालने की कला सिखाती है। जब जीवन में उतार-चढ़ाव आएं या सिंगल होने के बाद कोई अकेलेपन से जूझ रहा हो, तो सोशल मीडिया के दिखावे और नकारात्मकता में डूबने के बजाय अपनी जड़ों, परंपराओं और अध्यात्म की ओर लौटना एक नई ताकत देता है। अभिनेत्री ने साबित कर दिया है कि खुद को हील करने का सबसे सुंदर तरीका अपने भीतर उतरना और ईश्वर की शरण में शांति तलाशना है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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