रांची का दशम जलप्रपात और एक अधूरी प्रेम कहानी जीवनशैली एक महीने पहले 81
रांची के प्रसिद्ध दशम वॉटरफॉल का इतिहास केवल प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रेमी जोड़े की दुखद और भावुक प्रेम कहानी से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

दशम फॉल का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

रांची शहर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दशम जलप्रपात इन दिनों काफी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ इस पर्यटन स्थल पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने इस स्थान को एक प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

छैला संदू और बिंदी की प्रेम कथा

स्थानीय निवासी सुशील के अनुसार, इस जलप्रपात के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प और भावुक प्रेम कहानी जुड़ी हुई है। तमाड़ के बागुरा पीड़ी गांव में रहने वाले छैला संदू और पाक सकम गांव की रहने वाली बिंदी की प्रेम कहानी आज भी स्थानीय लोगों के बीच मशहूर है।

रोमांचक था प्रेमियों का मिलन

अपनी प्रेमिका से मिलने के लिए छैला संदू को दशम फॉल के खतरनाक रास्तों और पानी को पार करना पड़ता था। बताया जाता है कि वे बेहद सादगी और परंपरा के साथ अपनी प्रेमिका के पास जाते थे। उनके पास जाने का तरीका अनोखा था:

  • वे अपने एक हाथ में बांसुरी रखते थे।
  • गले में मांदर पहनते थे।
  • कंधे पर एक मुर्गा लेकर वे बिंदी से मिलने जाते थे।

यह जलप्रपात न केवल अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है, बल्कि यह प्रेम की उस निशानी को भी समेटे हुए है जो आज भी ग्रामीणों के गीतों और कहानियों में जीवित है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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