दिल्ली से नैनीताल अब महज 3 घंटे में! बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे से आधा रह जाएगा पहाड़ों का सफर, समझिए पूरा रूट जीवनशैली 55 मिनट पहले 2
NHAI से मंजूर बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली से नैनीताल तक की यात्रा में लगने वाला समय तीन घंटे से भी ज्यादा घट सकता है, जिससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी और पर्यटन दोनों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली-एनसीआर से नैनीताल की ओर रुख करने वाले सैलानियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पहाड़ों तक पहुंचना अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज होने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से स्वीकृत बरेली-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद दिल्ली से नैनीताल तक का सफर का समय तीन घंटे से भी अधिक कम हो सकता है। यह नया मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती देने के साथ-साथ पर्यटन को भी नई रफ्तार देगा।

क्या है बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे करीब 100 किलोमीटर लंबा, चार-लेन वाला और एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा, जो उत्तर प्रदेश के बरेली को सीधे उत्तराखंड के हल्द्वानी से जोड़ेगा। मिली जानकारी के मुताबिक इस परियोजना को हरी झंडी मिल चुकी है और इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।

कैसे घटेगा यात्रा का समय

फिलहाल दिल्ली से नैनीताल पहुंचने में ट्रैफिक और सीजन के हिसाब से 6 से 7 घंटे या उससे अधिक का समय लग जाता है। वीकेंड और छुट्टियों के दिनों में तो रास्ते में भारी जाम आम बात है। नया एक्सप्रेसवे बरेली और हल्द्वानी के बीच एक हाई-स्पीड कॉरिडोर मुहैया कराएगा, जिससे यात्रा में लगने वाला समय तीन घंटे से अधिक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या रहेगा संभावित रूट

यात्री दिल्ली या हरिद्वार से एक्सप्रेसवे नेटवर्क के जरिए बरेली पहुंचेंगे और वहां से सीधे नए बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे। हल्द्वानी पहुंचने के बाद नैनीताल, भीमताल, मुक्तेश्वर, रानीखेत, अल्मोड़ा और कौसानी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

यह परियोजना केवल पर्यटकों के लिए ही नहीं, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। हल्द्वानी को कुमाऊं अंचल का एक बड़ा कमर्शियल हब माना जाता है और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से स्थानीय कारोबार, कृषि उत्पादों के परिवहन तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

कब मिलेगा यात्रियों को लाभ

यह परियोजना अभी निर्माण के दौर में है। एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर, गुरुग्राम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्रियों को पहाड़ों तक पहुंचने में काफी कम वक्त लगेगा और सफर पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आरामदायक होगा।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को नई दिशा

अगर आप नैनीताल और कुमाऊं क्षेत्र की सैर का सपना संजोए हुए हैं, तो आने वाले वर्षों में आपकी यह यात्रा और भी सहज हो जाएगी। बरेली-हल्द्वानी एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन और आर्थिक विकास को भी एक नई दिशा देगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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