नालंदा में नियमों की धज्जियां: 9 सीट वाली गाड़ी पर सवार हो गए करीब 50 लोग, छत पर भी लदे रहे यात्री बिहार एक घंटा पहले 1
नालंदा के बिहारशरीफ में एक मैजिक वाहन पर क्षमता से कई गुना अधिक यानी करीब 50 लोग सवार होकर पहुंचे, जिसे देख हर कोई हैरान रह गया। सवार सभी लोग हरनौत नगर पंचायत के सफाई कर्मी बताए जा रहे हैं।

नालंदा जिले में यातायात नियमों की अनदेखी और जान को जोखिम में डालने वाला एक हैरान करने वाला दृश्य सामने आया है। बिहारशरीफ स्थित मॉडल अस्पताल परिसर में उस वक्त लोगों का हुजूम जमा हो गया, जब हरनौत से एक मैजिक वाहन पर अपनी क्षमता से कई गुना ज्यादा लोगों को लादकर पहुंचा। चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस वाहन में सामान्य तौर पर सिर्फ 9 से 10 लोगों के बैठने की गुंजाइश होती है, उसी पर करीब 50 लोग सवार होकर बिहारशरीफ आ धमके।

आखिर क्या है पूरा मामला

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो मैजिक वाहन के भीतर करीब 20 से 25 लोग ठूंसे हुए थे, जबकि बड़ी तादाद में लोग वाहन की छत पर भी लदे हुए थे। इतनी भारी संख्या में यात्रियों को ढोते हुए सड़क पर वाहन का दौड़ना न सिर्फ मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है, बल्कि यह यात्रियों की जान से खुला खिलवाड़ भी है। बताया जा रहा है कि वाहन पर सवार ये सभी लोग हरनौत नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी हैं। सफाई कर्मियों के मुताबिक उनके एक साथी के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसका उपचार बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल में चल रहा है। अपने घायल साथी का हाल-चाल लेने और उससे मिलने के लिए ही इतनी बड़ी संख्या में सफाई कर्मी एक साथ हरनौत से बिहारशरीफ पहुंचे थे।

मैजिक चालक ने क्या कहा

वाहन चालक ने भी इस बात को कबूल किया कि उसकी गाड़ी पर करीब 50 लोग सवार होकर आए थे। चालक के अनुसार यह मैजिक वाहन हरनौत से बिहारशरीफ के गोनावा रोड तक भाड़े पर चलाया जाता है। हालांकि इतनी अधिक संख्या में यात्रियों को बैठाकर सफर करना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा ही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर रास्ते में वाहन बेकाबू हो जाता या कोई दुर्घटना हो जाती, तो दर्जनों लोगों की जान पर बन सकती थी।

ओवरलोडिंग पर नहीं हुई कोई कार्रवाई

इसके बावजूद न तो रास्ते में किसी जांच चौकी पर इस वाहन को रोका गया और न ही ओवरलोडिंग को लेकर कोई कार्रवाई की गई। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के अनुपालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। प्रशासन की ओर से सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में नियमों की अनदेखी की ऐसी तस्वीरें पूरी व्यवस्था की पोल खोल देती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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