एक बूंद और चौबीस घंटे महकती खुशबू... हैदराबाद के देसी अत्तर ने विदेशी परफ्यूम को दी कड़ी चुनौती, जानिए इसकी खूबियां राष्ट्रीय राजनीति 4 दिन पहले 12
हैदराबाद में बिना अल्कोहल के प्राकृतिक तत्वों से तैयार होने वाले पारंपरिक अत्तर की खुशबू देर तक बनी रहती है और त्वचा पर कोमल असर डालती है। देश-विदेश में इन सुगंधों की मांग लगातार बढ़ रही है।

हैदराबाद अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, शाही पकवानों और परंपरागत अत्तर की वजह से दुनियाभर में अलग पहचान रखता है। यहां तैयार होने वाले बिना अल्कोहल के पारंपरिक इत्र, जिन्हें अत्तर कहा जाता है, सदियों से लोगों को अपनी खुशबू से आकर्षित करते आए हैं।

कैसे तैयार होता है यह अत्तर

हैदराबादी अत्तर प्राकृतिक फूलों, जड़ी-बूटियों, लकड़ी और दूसरे सुगंधित तत्वों के मेल से बनाया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें अल्कोहल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता। यही कारण है कि इसकी महक लंबे समय तक टिकी रहती है और त्वचा पर इसका असर भी कोमल बना रहता है।

मौसम के अनुसार खास असर

पारंपरिक मान्यताओं की मानें तो कुछ विशेष किस्म के अत्तर गर्मी के मौसम में ठंडक का एहसास कराते हैं, वहीं सर्दियों में शरीर को गर्माहट का अनुभव देने में मददगार साबित होते हैं। यही गुण इन्हें आम परफ्यूम से अलग बनाते हैं।

आज भी जीवित है सदियों पुरानी कला

इस प्राचीन कला को हैदराबाद के कारीगर आज भी परंपरागत तरीकों से जिंदा रखे हुए हैं। उनकी मेहनत और हुनर की बदौलत ही यह विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही है। देश और विदेश दोनों जगह इन प्राकृतिक सुगंधों की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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