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एक घंटा पहले
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टोंक में साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़
राजस्थान के टोंक जिले में साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए जिला विशेष टीम यानी डीएसटी ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के निर्देशन में पुलिस ने एक शातिर गिरोह को पकड़ने में कामयाबी पाई है। निवाई और टोंक सदर थाना क्षेत्रों में की गई इस समन्वित कार्रवाई के दौरान 7 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
30 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में इस गिरोह द्वारा की गई करीब 30 लाख रुपये की साइबर ठगी का पता चला है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को लुभावने निवेश का झांसा देते थे। ये लोग फर्जी लिंक भेजकर लोगों को कम समय में धन दोगुना करने का लालच देकर ठगी का शिकार बनाते थे।
फर्जी सिम और एनसीआर पोर्टल की भूमिका
पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह ने ठगी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए कुल 205 फर्जी सिम का इस्तेमाल किया था। सरकारी एनसीआर पोर्टल पर इनके खिलाफ कुल 45 शिकायतें पहले से दर्ज पाई गई हैं। पुलिस ने निवाई थाने में 6 आरोपियों के खिलाफ 2 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं, जबकि टोंक सदर थाने में एक आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि अन्य ठगी के मामलों का भी खुलासा हो सके।
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