ट्विशा शर्मा मामला: घर में बदसलूकी और चरित्र पर सवाल, CBI की चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 3
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई ने 636 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की है, जिसमें पुलिस की शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं और ट्विशा के साथ घर में होने वाले दुर्व्यवहार का जिक्र है।

पुलिस जांच में बरती गई भारी लापरवाही

भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने 636 पन्नों की अपनी विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। इस दस्तावेज़ में स्थानीय पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े किए गए हैं। सीबीआई की जांच में पाया गया है कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने लापरवाही की हदें पार कर दी थीं। महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों को नजरअंदाज किया गया और घटनास्थल की सुरक्षा को भी गंभीरता से नहीं लिया गया। चालान में दर्ज जानकारी के अनुसार, घटना के तुरंत बाद ट्विशा का इलाज करने वाले इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टरों और पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सा विशेषज्ञों के बयान तक दर्ज नहीं किए गए थे। बाद में सीबीआई ने इन डॉक्टरों से संपर्क कर मामले से जुड़ी आवश्यक जानकारी जुटाई।

घटनास्थल की सुरक्षा में चूक

सीबीआई के चालान के अनुसार, जिस रात घटना हुई, उस समय एसआई दिनेश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी। उन्होंने ट्विशा के कमरे और घर की छत का मुआयना किया था। नियम के मुताबिक ट्विशा के कमरे को तो सील कर दिया गया, लेकिन छत के गेट पर सिर्फ कुंडी लगाकर छोड़ दिया गया। इसके अगले दिन यानी 13 मई को जब एफएसएल अधिकारी एके बरौनिया अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो पाया कि छत का गेट खुला हुआ था और आरोपी पक्ष के लोग घर के भीतर ही मौजूद थे। यह गंभीर चूक मामले के साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती थी।

सीटवीटी और चैट से मिले टॉर्चर के सबूत

जांच एजेंसी ने मामले को सुलझाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का सहारा लिया, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और व्हॉट्सऐप चैट शामिल हैं। इन सबूतों ने घर के अंदर के उस माहौल को उजागर किया है, जिसमें ट्विशा रह रही थी। गवाहों के बयानों और इन डिजिटल साक्ष्यों के माध्यम से यह दावा किया गया है कि घर के सदस्य ट्विशा के साथ बातचीत नहीं करते थे। इतना ही नहीं, उसके चरित्र पर भी आए दिन सवाल उठाए जाते थे और उसके घर से बाहर निकलने पर कड़ाई से रोक लगा दी गई थी। उसकी सेहत और खानपान को लेकर भी घर में घोर लापरवाही बरती जाती थी। ट्विशा की निजी डायरी से भी उसके अधूरे सपनों और महत्वाकांक्षाओं का पता चला है, साथ ही उसके बनाए गए स्केच भी जांच का अहम हिस्सा बने हैं। यह भी सामने आया है कि समर्थ सिंह उसके साथ लगातार दूरी बनाए रखता था।

शादी के लिए 50 लाख की मांग का आरोप

सीबीआई की चार्जशीट में शादी से जुड़े घटनाक्रमों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है। बारात एक गेस्ट हाउस में रुकी हुई थी, जहां गिरिबाला ने ट्विशा के परिवार को बातचीत के लिए बुलाया। ट्विशा के परिजनों ने बताया कि जब ट्विशा कमरे से बाहर आई, तो उसने स्पष्ट कर दिया था कि वह यह शादी नहीं करना चाहती। आरोप है कि इसके तुरंत बाद गिरिबाला ने ट्विशा के पिता से 50 लाख रुपये की बड़ी रकम की मांग रख दी। ट्विशा के पिता ने अपनी आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए केवल 2 लाख रुपये होने की बात कही थी, जिसके बाद बारात को आगे बढ़ाने की स्थिति बनी। सीबीआई इन तमाम सबूतों और दहेज की मांग से जुड़ी शिकायतों को आधार बनाकर अपनी आगे की कार्रवाई कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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