सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर: अगले हफ्ते अमेरिकी डेटा तय करेगा आगे की चाल व्यापार 2 घंटे पहले 8
सोने और चांदी की कीमतों ने हालिया कारोबारी सत्रों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है। अब निवेशकों की निगाहें अगले हफ्ते आने वाले अमेरिकी महंगाई और आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं जो इन कीमती धातुओं की भविष्य की दिशा तय करेंगे।

सोने और चांदी में मजबूती का सिलसिला

पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में शानदार तेजी देखी गई है। दोनों ही कीमती धातुओं ने अपने पिछले कारोबारी सत्रों में जबरदस्त प्रदर्शन किया है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा है। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह तेजी का रुख अभी बना रह सकता है। हालांकि, बाजार के ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के कारण निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने की भी संभावना है, जिसकी वजह से बीच बीच में कीमतों में कुछ गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

भारतीय बाजार में जोरदार उछाल

घरेलू वायदा बाजार MCX के आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले सप्ताह ₹7,932 यानी 5.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। चांदी की स्थिति भी काफी मजबूत नजर आई, जहां सितंबर डिलीवरी वाली चांदी ₹10,673 यानी 4.52 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई। बुलियन बाजार में खरीदारी का जबरदस्त माहौल, बॉन्ड यील्ड में आई नरमी और बाजार में बढ़ती लिक्विडिटी ने सोने को मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभाई है।

अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और बाजार का रुख

अगले हफ्ते सोने और चांदी की चाल तय करने में अमेरिकी कोर PCE महंगाई और वहां की GDP के आंकड़े निर्णायक साबित होंगे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के लिए कोर PCE मुद्रास्फीति का एक महत्वपूर्ण पैमाना है। यदि आने वाले महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम या नरम रहते हैं, तो अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं और अधिक मजबूत हो जाएंगी, जिसका सीधा लाभ सोने और चांदी जैसे निवेश विकल्पों को मिलना तय है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े अनुमानों से अधिक आते हैं, तो ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का माहौल पैदा हो सकता है, जिससे कीमतों पर दबाव बन सकता है।

भू-राजनीतिक घटनाक्रमों का असर

पश्चिमी एशिया की स्थिति पर भी निवेशकों की कड़ी नजर है। अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित शांति समझौते या होरमुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने से जुड़े समाचार सीधे बाजार को प्रभावित करेंगे। तनाव बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग में और इजाफा हो सकता है, जबकि यदि तनाव कम होता है तो निवेशक मुनाफावसूली करते दिख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

केवल घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी ने जबरदस्त बढ़त हासिल की है। कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स 5.5 प्रतिशत बढ़कर 4,680.6 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स में करीब 7 प्रतिशत का उछाल आया और यह 69.53 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। कुल मिलाकर अगले हफ्ते भी बाजार में तेजी का रुझान बने रहने की उम्मीद है, बस ऊपरी स्तरों पर सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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