घर में अब कभी नहीं आएगी सीलन, मकान बनवाते समय बस इन खास बातों का रखें ध्यान जीवनशैली 2 घंटे पहले 3
अपना आशियाना बनाने के लिए लोग जीवनभर की कमाई खर्च कर देते हैं, लेकिन छोटी सी लापरवाही के कारण दीवारों में सीलन घर की सुंदरता बिगाड़ देती है। एक अनुभवी मिस्त्री ने घर को सीलन से सुरक्षित रखने के अचूक उपाय साझा किए हैं।

घर बनाने का सपना और सीलन की चुनौती

इंसान की बुनियादी जरूरतों में रोटी और कपड़े के बाद घर सबसे महत्वपूर्ण है। अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए लोग अपनी पूरी जीवनभर की कमाई लगा देते हैं और यही उम्मीद करते हैं कि उनका घर न केवल सुंदर हो बल्कि लंबे समय तक मजबूत भी रहे। हालांकि, कई बार घर बनाने की जल्दबाजी में लोग निर्माण के दौरान कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा उन्हें कुछ ही समय बाद भुगतना पड़ता है। इनमें सबसे बड़ी और आम समस्या दीवारों में आने वाली सीलन है।

दीवारों में सीलन न केवल घर की खूबसूरती को पूरी तरह से खत्म कर देती है, बल्कि यह दीवारों की मजबूती को भी अंदर से कमजोर करती है। सीलन की वजह से पेंट और प्लास्टर झड़ने लगते हैं, जिससे बाद में मरम्मत पर अतिरिक्त आर्थिक खर्च करना पड़ता है। अगर आप भी अपने घर को हमेशा सीलन मुक्त रखना चाहते हैं, तो निर्माण के समय ही कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।

राज मिस्त्री के खास टिप्स

जहानाबाद जिले के घोसी इलाके के रहने वाले और निर्माण कार्य में 11 साल का लंबा अनुभव रखने वाले राज मिस्त्री बैजू कुमार का मानना है कि सीलन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए घर की नींव और शुरुआती निर्माण चरण पर ध्यान देना सबसे अनिवार्य है। उनके अनुसार, अधिकांश लोग निर्माण में जल्दबाजी के कारण सीलन को न्योता दे देते हैं। उन्होंने घर को सुरक्षित रखने का एक बहुत ही कारगर और सरल तरीका साझा किया है जिसे अपनाकर आप अपने घर को सालों-साल तक सुरक्षित रख सकते हैं।

सीलन से बचाव के लिए जरूरी कदम

बैजू कुमार बताते हैं कि मकान मालिकों को निर्माण के दौरान हर एक स्टेप का बारीकी से पालन करना चाहिए। उन्होंने सीलन रोकने के लिए मुख्य रूप से नींव के दौरान इन चरणों पर जोर दिया है:

  • डीपीसी की भूमिका: जब आपके घर की नींव का काम जमीन से 3 फीट ऊपर के लेवल तक पूरा हो जाए, तो उसके बाद डीपीसी यानी डैम प्रूफ कंक्रीट का कार्य किया जाना चाहिए। यह सीलन को ऊपर आने से रोकने की पहली और सबसे प्रभावी परत होती है।
  • वॉटरप्रूफिंग का महत्व: डीपीसी का काम पूरा होने के बाद केवल ईंट की जुड़ाई शुरू करना ही काफी नहीं है। इसके ऊपर वॉटरप्रूफिंग रसायन का घोल लगवाना अत्यंत आवश्यक है। बाजार में किसी भी निर्माण सामग्री की दुकान पर आसानी से उपलब्ध होने वाला यह वॉटरप्रूफ घोल सीलन को रोकने में जादुई असर दिखाता है।
  • ईंट की जुड़ाई में सावधानी: एक बार जब डीपीसी पर वॉटरप्रूफ घोल अच्छी तरह से सूख जाए, तभी उसके ऊपर ईंट की जुड़ाई शुरू करनी चाहिए। अक्सर लोग थोड़ा पैसा बचाने या समय बचाने के चक्कर में डीपीसी के तुरंत बाद ही ईंट की दीवार खड़ी करना शुरू कर देते हैं, जो कि एक बड़ी भूल साबित होती है।

क्यों जरूरी है सही निवेश

राज मिस्त्री के अनुसार, अक्सर मकान मालिक निर्माण के दौरान थोड़े से पैसे बचाने के चक्कर में वॉटरप्रूफिंग जैसे जरूरी काम को नजरअंदाज कर देते हैं। इस तरह की बचत भविष्य में भारी पड़ती है क्योंकि सीलन आने पर मरम्मत का खर्च निर्माण लागत से भी कहीं ज्यादा हो जाता है। यदि आप निर्माण की शुरुआत में ही सही सामग्री और तकनीकी तरीके का उपयोग करके थोड़ा निवेश करते हैं, तो आपका घर न केवल दिखने में सुंदर रहेगा बल्कि सीलन की समस्या से भी पूरी तरह मुक्त रहेगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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